देहरादून। उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों को जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश दिए हैं। देहरादून सचिवालय में आयोजित टास्क फोर्स की बैठक में उन्होंने साफ किया कि अब राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं के लिए बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली अनिवार्य होगी। इस फैसले का सीधा असर प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों और शिक्षण स्टाफ पर पड़ेगा।
उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने कई कड़े कदम उठाए हैं। मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी विश्वविद्यालयों और राजकीय कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की ‘अपार आईडी’ बनाने का विशेष अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं की सभी मार्कशीट और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को डिजीलाकर के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा।
शैक्षणिक सत्र को नियमित करने के लिए सरकार ने कक्षाओं के संचालन के दिन भी तय कर दिए हैं। अब विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में कम से कम 180 दिन कक्षाएं संचालित करना अनिवार्य होगा, जबकि प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में 220 दिन की पढ़ाई सुनिश्चित की जाएगी। पाठ्यक्रम में क्रेडिट हस्तांतरण, बहुविषयक शिक्षा प्रणाली, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट और भारतीय ज्ञान परंपरा को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि छात्रों को रोजगारोन्मुख शिक्षा मिल सके।
बैठक में मौजूद मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य के सभी 11 विश्वविद्यालयों को अपनी राष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार लाने के लिए 5 साल की कार्ययोजना बनाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि दून विश्वविद्यालय और कुमाऊं विश्वविद्यालय इस साल एनआईआरएफ (NIRF) रैंकिंग के लिए आवेदन करेंगे, जबकि अन्य डिग्री कॉलेज नैक मूल्यांकन के लिए अप्लाई करेंगे। इसके लिए अगले 8 से 10 दिनों के भीतर राज्य स्तरीय रैंकिंग पैरामीटर तैयार किए जाएंगे।
उच्च शिक्षा को इंडस्ट्री से जोड़ने के लिए विश्वविद्यालयों को उद्योग जगत, गैर-सरकारी संगठनों और विदेशी भाषा संस्थानों के साथ करार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे छात्रों को बेहतर इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल ज्ञान मिल सके। समीक्षा बैठक के दौरान दून विवि की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने क्रेडिट शैक्षणिक अंक पर प्रेजेंटेशन दिया। बैठक में उच्च शिक्षा सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम और अपर सचिव मनमोहन मैनाली समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

