देहरादून। उत्तराखंड के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उपनेल के जरिए राज्य के ऊर्जा निगमों में तैनात पूर्व सैनिकों को बड़ा तोहफा दिया है। मंत्री ने उपनेल कर्मचारियों को ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ का लाभ देने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। देहरादून स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया, जिससे ऊर्जा निगमों में सेवारत सैकड़ों पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
बैठक में यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल के शीर्ष अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई। सैनिक कल्याण मंत्री ने तीनों निगमों के प्रबंधन को निर्देश दिया कि उपनेल के माध्यम से कार्यरत पूर्व सैनिकों को उनके समकक्ष नियमित कर्मचारियों के समान वेतन देने की प्रशासनिक प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले इस प्रस्ताव को यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल की आगामी बोर्ड बैठकों में रखा जाए तथा बोर्ड से औपचारिक मंजूरी मिलते ही फाइल को अंतिम स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाए। इसके अलावा, जिन निगमों में पद उपलब्ध नहीं हैं, वहां नियमानुसार नए पदों का सृजन किया जाए ताकि कोई भी पात्र पूर्व सैनिक इस लाभ से वंचित न रहने पाए।
सैनिक कल्याण मंत्री ने ऊर्जा निगमों के प्रबंधकों को पूर्व सैनिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान करने का कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की सेवा करने वाले पूर्व सैनिकों के आर्थिक हितों और सम्मान की रक्षा करना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है, इसलिए सभी वित्तीय व प्रशासनिक अड़चनों को समयबद्ध तरीके से दूर किया जाए।
गौरतलब है कि उत्तराखंड के ऊर्जा क्षेत्र में उपनेल के माध्यम से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक विभिन्न तकनीकी व गैर-तकनीकी पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं और ‘समान काम-समान वेतन’ की मांग पर शासन की इस पहल से कर्मचारियों में खुशी की लहर है व उनके सेवा मनोबल में बढ़ोतरी होगी।

