देहरादून। हल्द्वानी ‘शुद्धीकरण’ मामले को लेकर उत्तराखंड में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव चरम पर पहुंच गया है। दोनों प्रमुख दलों ने 7 सितंबर को एक ही दिन प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। एक तरफ जहां कांग्रेस हल्द्वानी के दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी, वहीं बीजेपी इसके जवाब में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष ‘सामाजिक सौहार्द संकल्प धरना’ देगी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और कैंपेन कमेटी अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने मुख्यमंत्री आवास कूच की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि दलित समाज के अपमान से जुड़े इस संवेदनशील मामले में राज्य सरकार का रवैया बेहद चिंताजनक है और सरकार दोषियों को बचाने में लगी है। वहीं पूर्व विधायक राजकुमार और लालचंद शर्मा ने कहा कि यह लड़ाई सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा की है।
इसी बीच प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सरकार को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस ने हल्द्वानी मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कोई कार्रवाई या गिरफ्तारी का दुस्साहस किया, तो पार्टी पूरे राज्य में उग्र आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन असल दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय राहुल गांधी पर फर्जी मुकदमे दर्ज करने की साजिश रच रहा है।
कांग्रेस के इस आक्रामक रुख के जवाब में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने जिलाध्यक्षों के साथ ऑनलाइन बैठक कर 7 सितंबर के धरने की रणनीति बनाई। भाजपा का लक्ष्य राज्य के प्रत्येक मंडल में आयोजित होने वाले संकल्प धरने में 1,000 से 1,500 कार्यकर्ताओं को शामिल करने का है, ताकि सामाजिक समरसता का संदेश दिया जा सके।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल राज्य में जातिवादी राजनीति की आग भड़काने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि चाय के कप में जाति ढूंढना और मनुस्मृति जलाना कांग्रेस की ओछी राजनीति को दर्शाता है, लेकिन भाजपा देवभूमि का माहौल खराब नहीं होने देगी। 7 सितंबर को दोनों दलों के आमने-सामने आने से राज्य का सियासी पारा पूरी तरह चढ़ गया है।

