देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड में प्रशासनिक व्यवस्था को जनता के करीब लाने के लिए ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ अभियान चलाया जा रहा है। इस ‘सेवा सुशासन एवं समर्पण पखवाड़ा’ के तहत राज्य के सभी जनपदों में विशेष शिविरों का आयोजन हो रहा है, जहां आम जनता को न केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, बल्कि मौके पर ही उनका लाभ भी दिया जा रहा है।
राज्य सरकार की इस जन-कल्याणकारी पहल का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। 4 जुलाई से शुरू हुए इस 15 दिवसीय अभियान के तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर आयोजित शिविरों में 06 जुलाई तक रिकॉर्ड 46,151 लोगों ने अपनी भागीदारी दर्ज की है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए अब तक 11,667 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ा है और मौके पर ही 1,961 जन-शिकायतों का निस्तारण किया है।
पिथौरागढ़ से ऊधमसिंह नगर तक के आंकड़े
कुमाऊं के सभी जिलों में इन शिविरों को लेकर स्थानीय जनता में भारी उत्साह देखा जा रहा है। विभिन्न जनपदों से सामने आए आधिकारिक आंकड़े इस प्रकार हैं। जिले में आयोजित तीन शिविरों में 1700 से अधिक लोग शामिल हुए। इस दौरान शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ देने के साथ ही 112 शिकायतों का मौके पर निपटारा किया गया।वहीं,अल्मोड़ा स्थित बूम शारदा घाट, उचौलीगोठ टनकपुर और जिला सभागार के शिविरों में कुल 2537 प्रतिभागी पहुंचे।
बागेश्वर के डिग्री कॉलेज बागेश्वर और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाटली गरुड़ के शिविरों में 745 लोग आए। यहां विभिन्न प्रमाण-पत्रों के लिए 31 आवेदन मिले और 321 लोगों को अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। ऊधमसिंह नगर सिटी क्लब रूद्रपुर और विकासखण्ड मुख्यालय गदरपुर में 1340 लोग शिविरों से जुड़े। यहां प्राप्त 551 आवेदनों में से 490 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। नैनीताल स्थित भीमताल, हल्द्वानी और रामनगर के शिविरों में 1009 प्रतिभागी शामिल हुए, जहां प्रशासन को कुल 122 आवेदन प्राप्त हुए।
देहरादून और हरिद्वार में उमड़ा जनसैलाब
गढ़वाल मंडल के मैदानी और पहाड़ी दोनों ही क्षेत्रों में इन शिविरों के प्रति लोगों का झुकाव देखने लायक था। देहरादून और हरिद्वार जैसे जिलों में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। देहरादून जनपद के ऋषिकेश और चकराता में आयोजित शिविरों में सबसे बड़ी भागीदारी देखने को मिली, जहां कुल 30,410 प्रतिभागी सम्मिलित हुए।
हरिद्वार के ऋषिकुल आयुर्वेदिक महाविद्यालय और विकास खण्ड रूड़की के शिविरों में 2859 लोग पहुंचे। यहां राहत की बात यह रही कि प्राप्त सभी 67 आवेदनों का मौके पर ही शत-प्रतिशत निस्तारण कर दिया गया। वहीं, पौड़ी गढ़वाल के प्रेक्षागृह पौड़ी, विकास खण्ड पौड़ी और विकास खण्ड सभागार कोट के शिविरों में 1627 लोग शामिल हुए, जहां कुल 386 आवेदन प्राप्त हुए।
जबकि चमोली के पीजी कॉलेज गोपेश्वर, विकास खण्ड थराली, ज्योर्तिमठ, राजकीय इण्टर कॉलेज कुजों मैकोट और विकासखण्ड दशोली के शिविरों में 1025 लोग पहुंचे। इस दौरान 185 आवेदन मिले और 707 लोगों को अन्य योजनाओं का लाभ दिया गया। इसी प्रकार, रुद्रप्रयाग के जिला मुख्यालय और विकास खण्ड जखोली के शिविरों में 689 लोग शामिल हुए। यहाँ कुल 45 आवेदनों में से 30 का मौके पर निपटारा हुआ, जबकि प्रमाण-पत्रों के लिए 149 आवेदन मिले और 445 लोगों को अन्य योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
वहीं उत्तरकाशी के विकास खण्ड चिन्यालीसौड़ के शिविर में 284 लोग आए। यहां मिले 18 आवेदनों में से 15 का तुरंत समाधान हुआ, जबकि प्रमाण-पत्रों के लिए 48 आवेदन और अन्य योजनाओं के लिए 56 लाभार्थी सामने आए। तो वहीं टिहरी गढ़वाल के विकास खण्ड कीर्तिनगर में आयोजित शिविर में 525 प्रतिभागी शामिल हुए। इस शिविर में प्राप्त सभी 07 आवेदनों का मौके पर ही पूर्ण निस्तारण कर दिया गया। उत्तराखंड सरकार का यह 15 दिवसीय विशेष अभियान लगातार जारी है, जिससे दूरदराज के ग्रामीणों को अपने छोटे-मोटे कार्यों और प्रमाण-पत्रों के लिए जिला मुख्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं।

