देहरादून। उत्तराखंड के गांवों की तस्वीर बदलने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के बड़े अवसर पैदा करने के लिए प्रदेश सरकार ने इस वर्ष राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक को 1,000 करोड़ रुपये की योजनाओं के प्रस्ताव भेजने का बड़ा लक्ष्य तय किया है। देहरादून सचिवालय में सोमवार को आयोजित नाबार्ड की उच्च स्तरीय समिति की बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी विभागों को इस संबंध में कड़े और समयबद्ध निर्देश जारी किए हैं।
इस महत्वाकांक्षी योजना का सीधा असर उत्तराखंड के ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, बागवानी और पशुपालन से जुड़े विकास कार्यों पर पड़ेगा। मुख्य सचिव ने ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष के तहत ज्यादा से ज्यादा प्रोजेक्ट्स शामिल करने और उन्हें अगले 3 दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड करने का आदेश दिया है।
210 करोड़ रुपये की DPR तैयार, तेजी से होगा काम
बैठक में सामने आया कि ग्रामीण विकास की दिशा में कदम बढ़ाते हुए विभिन्न विभागों से अब तक 500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव शासन को मिल चुके हैं। बड़ी बात यह है कि इनमें से 271 करोड़ रुपये के प्रस्तावों में से लगभग 210 करोड़ रुपये की योजनाओं की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट पूरी तरह तैयार हो चुकी है, जिससे इन योजनाओं के जल्द धरातल पर उतरने का रास्ता साफ हो गया है।
क्लस्टर आधारित खेती और कोल्ड चेन पर रहेगा जोर
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निर्देश दिए कि कृषि और बागवानी क्षेत्र में बेहतर परिणाम पाने के लिए एक से अधिक क्लस्टरों को मिलाकर बड़े प्रोजेक्ट्स बनाए जाएं। इसके पीछे सरकार की बड़ी रणनीति है। एक ही क्षेत्र के आसपास के सभी क्लस्टरों को कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट की आधुनिक सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकें।
जिन विभागीय योजनाओं की गति धीमी है, उनकी सचिव स्तर पर हर हफ्ते कड़ाई से समीक्षा की जाएगी। नाबार्ड को ‘गतिशक्ति पोर्टल’ का एक्सेस दिया जाएगा ताकि विशेषज्ञ तकनीकी सहायता से बेहतर पायलट प्रोजेक्ट प्लान तैयार किए जा सकें।
पॉलीहाउस प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने का अल्टीमेटम
बैठक में मुख्य सचिव ने उद्यान विभाग को ‘पॉलीहाउस परियोजना’ को तय समय सीमा के भीतर अत्यंत शीघ्र पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, उनकी कंप्लीशन रिपोर्ट तत्काल नाबार्ड को भेजी जाए ताकि बजट की प्रतिपूर्ति समय पर हो सके और राज्य में फंड की कमी से कोई भी विकास कार्य न रुके।

