ऋषिकेश। उत्तराखंड के ऋषिकेश में नशाखोरी के चलते एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहां नशा करने से रोकने पर एक कलयुगी बेटे ने अपनी ही बुजुर्ग मां को गोली मार दी। इस अमानवीय घटना का राज्य महिला आयोग ने तुरंत स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के उच्चाधिकारियों से सीधे बात की है और आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त धाराओं में कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पीड़ित बुजुर्ग महिला को गंभीर हालत में इलाज के लिए ऋषिकेश एम्स में भर्ती कराया गया है। महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने बताया कि वह खुद पीड़ित महिला का हालचाल जानने और उनसे मुलाकात करने के लिए एम्स अस्पताल जा रही हैं। आयोग पीड़ित के इलाज और कानूनी न्याय की पूरी प्रक्रिया की खुद मॉनिटरिंग कर रहा है।
नशाखोरी पर भड़का महिला आयोग, पुलिस को दिए निर्देश
राज्य महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने उत्तराखंड में पैर पसार रही नशाखोरी की लत पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि नशाखोरी हमारी युवा पीढ़ी को पूरी तरह खोखला कर रही है, जिसे समाज और कानून में किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि “बुजुर्ग माताओं और महिलाओं के खिलाफ ऐसे जघन्य अपराधों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है। पुलिस प्रशासन को साफ निर्देश दिए गए हैं कि आरोपी को किसी भी सूरत में बख्शा न जाए और त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।”
पूरे प्रदेश में चलेगा महा-अभियान: ऋषिकेश से होगी शुरुआत
राज्य महिला आयोग ने पूरे प्रदेश में नशे के खिलाफ एक निर्णायक जंग छेड़ने का फैसला किया है। आयोग द्वारा तैयार किए गए एक्शन प्लान के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं। आयोग जल्द ही पूरे उत्तराखंड के गांव-गांव और शहर-शहर में नशे के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू करेगा।
इस मुहिम को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए उत्तराखंड पुलिस के साथ मिलकर स्थानीय महिलाओं को सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा। महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल खुद इस प्रदेशव्यापी जन-जागरूकता अभियान का नेतृत्व करेंगी और इसकी औपचारिक शुरुआत इसी ऋषिकेश शहर से की जाएगी।
इस वारदात के बाद स्थानीय पुलिस ने भी मुस्तैदी बढ़ा दी है। महिला आयोग और पुलिस प्रशासन का साझा प्रयास है कि युवाओं को नशे के चंगुल से बाहर निकाला जाए ताकि भविष्य में किसी भी घर में इस तरह की शर्मनाक और खौफनाक वारदात दोबारा न हो।

