देहरादून। बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के बेहद संवेदनशील मामले में मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की गई है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी द्वारा जारी आदेश के तहत समिति के वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। मामला सामने आने के पांचवें दिन देर शाम यह निलंबन आदेश जारी किया गया है।
इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की जांच के लिए गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है। पर्यटन सचिव ‘धीराज सिंह गर्ब्याल’ ने इस उच्च स्तरीय जांच समिति के गठन के आधिकारिक आदेश जारी किए हैं।
गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में गठित इस उच्च स्तरीय कमेटी में एनएचएम के एमडी संदीप तिवारी और महानिदेशक-चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के निदेशक-वित्त जगत सिंह चौहान को सदस्य नियुक्त किया गया है। इस विशेष जांच कमेटी को अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट और संस्तुतियां सरकार को सौंपने के लिए 15 दिन का वक्त दिया गया है। यह कमेटी जरूरत पड़ने पर किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ या संबंधित व्यक्ति का सहयोग अथवा परामर्श ले सकती है।
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कर्मचारियों के स्पष्टीकरण और जांच समिति की समीक्षा के बाद प्रमोद नौटियाल पर लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। जांच समिति द्वारा प्रमोद नौटियाल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति किए जाने के बाद ही उन्हें सस्पेंड किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान नौटियाल को बीकेटीसी के जोशीमठ कार्यालय से संबद्ध किया गया है, और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर पाबंदी रहेगी।
दूसरी तरफ, बीकेटीसी की ओर से गठित चार सदस्यीय आंतरिक जांच कमेटी भी मंगलवार देर शाम बदरीनाथ धाम पहुंच गई है। मालूम हो कि गत 2 जुलाई को कथित चढ़ावा चोरी का यह मामला पहली बार सामने आया था। इसके बाद बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने वित्त नियंत्रक हेम कांडपाल, विधि अधिकारी एसएस बर्त्वाल, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजन नेथानी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डीएस भुजवाण की कमेटी बनाई थी।
मुंबई से लौटते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा है कि देवस्थानों की प्रतिष्ठा और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जांच कमेटी को मंदिरों में चढ़ावे की राशि के पारदर्शी और शुचितापूर्ण प्रबंधन के लिए ठोस व्यवस्थाओं का खाका तैयार कर सरकार को देने को कहा है।

