उत्तराखंड जनगणना अपडेट: पहले चरण का 99.1% काम पूरा, राज्य की आबादी में 26 % बढ़ोतरी का अनुमान

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उत्तराखंड में जारी जनगणना अभियान के पहले चरण के तहत मकान गणना का काम अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है, जहां राज्य में अब तक 99.1 प्रतिशत कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस महाभियान के दौरान जनगणना टीमों ने प्रदेश भर के करीब 1.26 करोड़ की आबादी वाले मकानों तक अपनी सीधी पहुंच बनाई है।

राज्य में यह कार्य बीते 25 अप्रैल से शुरू हुआ था, जिसकी शुरुआत हालांकि कुछ धीमी रही, लेकिन संबंधित निदेशालय की सख्ती के बाद काम में खासी तेजी आई। आगामी 24 मई को पहले चरण की इस प्रक्रिया को पूरी तरह संपन्न कर लिया जाएगा, जिससे राज्य की वास्तविक जनसांख्यिकीय स्थिति का एक मजबूत ढांचा तैयार हो सकेगा।

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प्रमुख नगर निगमों में शत-प्रतिशत कार्य पूरा

उत्तराखंड के नौ महत्वपूर्ण जिलों में मकान गणना का काम 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जिनमें उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चंपावत और ऊधमसिंह नगर शामिल हैं। इसके साथ ही स्थानीय शहरी निकायों के स्तर पर भी बड़ी सफलता मिली है, जहां नगर निगम श्रीनगर, कोटद्वार, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, काशीपुर और रुड़की में भी गणना का काम शत-प्रतिशत मुकम्मल किया जा चुका है।

जिलावार और निगमवार आंकड़ों की स्थिति को देखें तो अब केवल देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, हल्द्वानी और रुद्रपुर के कुछ चुनिंदा हिस्सों में ही मामूली काम बचा हुआ है, जिसे 24 मई की तय समय-सीमा तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा।

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उत्तराखंड की कुल आबादी में 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी

इस बार के मकान गणना के आंकड़ों से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि उत्तराखंड की जनसंख्या में इस बार बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। साल 2011 की जनगणना के पहले चरण के दौरान टीमों की पहुंच केवल एक करोड़ 86 हजार लोगों तक ही हो पाई थी, जबकि इस बार यह दायरा बढ़कर एक करोड़ 26 लाख की आबादी तक पहुंच गया है।

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इस बड़े अंतर के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि राज्य की कुल आबादी में करीब 26 प्रतिशत या उससे भी अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि, वास्तविक आबादी की सटीक गणना के लिए मुख्य प्रक्रिया अगले साल 10 से 28 फरवरी के बीच आयोजित की जाएगी, जिसके बाद ही आधिकारिक तौर पर यह साफ हो सकेगा कि देवभूमि की आबादी में कुल कितना इजाफा हुआ है।

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