Uttarakhand में नई शिक्षा नीति के 71 लक्ष्य पूरे, ‘सार्थक ट्रैकर’ पर दर्ज

ख़बर शेयर करें

देहरादून। उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुल निर्धारित 202 में से 71 लक्ष्यों को पूरा कर लिया है। देहरादून में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की निदेशक वंदना गर्ब्याल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इन सभी पूरे हुए लक्ष्यों को केंद्र सरकार के ‘सार्थक ट्रैकर’ पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया है। इस उपलब्धि का सीधा असर प्रदेश के प्राथमिक और प्री-प्राइमरी स्कूलों के लाखों बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है।

एससीईआरटी की निदेशक के अनुसार, नीति के तहत बचे हुए 111 लक्ष्यों पर वर्तमान में तेजी से काम चल रहा है, जबकि 20 अन्य लक्ष्यों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देशों की प्रतीक्षा की जा रही है। प्रदेश में नई शिक्षा नीति के तहत छोटे बच्चों की नींव मजबूत करने के लिए प्री-प्राइमरी और बुनियादी साक्षरता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

यह भी पढ़ें -  भारत में डेंगू की पहली वैक्सीन को मंजूरी, DCGI ने 'क्यूडेन्गा' को दी हरी झंडी

राज्य में शुरुआती शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए 5,982 सह-स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘बालवाटिका’ कक्षाओं का सफल संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही एससीईआरटी और राज्य के सभी 13 डाइट में 14 मॉडल बालवाटिकाएं बनाई गई हैं। इन कक्षाओं को बेहतर ढंग से चलाने के लिए 11,196 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

यह भी पढ़ें -  Uttarakhand: पिथौरागढ़ में भीषण भूस्खलन, दारमा वैली मार्ग पर भरभराकर गिरा पहाड़

प्राथमिक शिक्षा को खेल-कूद आधारित और आनंददायक बनाने के लिए राज्य के सभी प्राथमिक विद्यालयों में ‘जादुई पिटारा’ उपलब्ध कराया गया है, जिसमें 27 प्रकार के खिलौने और 13 प्रकार की शिक्षण सामग्रियां शामिल हैं। इसके अलावा, बच्चों में स्कूल के प्रति सहजता बढ़ाने के लिए ‘आरोही’ स्कूल रेडीनेस मॉड्यूल लागू किया गया है और निपुण भारत मिशन के तहत विशेष पठन सामग्रियां तैयार की गई हैं।

शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत राज्य में 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 3,198 पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को ‘ब्रिज कोर्स’ के जरिए दोबारा स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया है। इसके साथ ही, विशेष आवश्यकता वाले 354 बच्चों को उनके घर पर ही ‘गृह-आधारित शिक्षा’ दी जा रही है और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या के अनुरूप राज्य की नई पाठ्यचर्या भी तैयार कर ली गई है।

यह भी पढ़ें -  Haridwar: CM धामी ने की हरिद्वार आम महोत्सव में शिरकत, गिनाईं उपलब्धियां

मामले पर बयान जारी करते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार नई शिक्षा नीति-2020 के सभी प्रावधानों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ लागू कर रही है। सरकार की पहली प्राथमिकता उत्तराखंड के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, नवाचार आधारित और रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि राज्य के युवाओं का भविष्य सुरक्षित और समृद्ध हो सके।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad