Uttarakhand: हिमाच्छादित इलाकों में 10 सितंबर के बजाय 25 अगस्त से, हरिद्वार में ट्रायल सफल

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देहरादून। उत्तराखंड के उच्च हिमाच्छादित क्षेत्रों में इस बार जनगणना का कार्य तय समय से पहले शुरू करने की तैयारी है। प्रदेश के 131 गांवों और तीन नगर निकायों में इस बार 10 सितंबर के बजाय 25 अगस्त से 30 सितंबर तक जनगणना कराने की प्रस्तावित तिथियां तय की गई हैं। जनगणना निदेशालय की इस नई समयसारिणी का सीधा असर संबंधित जिलों के प्रशासनिक तंत्र, प्रगणकों और पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों पर पड़ेगा।

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विभागीय आंकड़ों के अनुसार, उत्तरकाशी के 69 गांव व गंगोत्री नगर पंचायत, चमोली के 23 गांव व बदरीनाथ नगर पंचायत और रुद्रप्रयाग के चार गांव व केदारनाथ नगर पंचायत को हिमाच्छादित क्षेत्र माना गया है। देश के बाकी हिस्सों में जनगणना 9 से 28 फरवरी 2027 के बीच होगी, लेकिन इन विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में यह काम पहले ही निपटाया जाता है।

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प्रशासनिक तैयारियों के तहत मकान सूचीकरण का पहला चरण 25 अप्रैल से 24 मई के बीच पूरा हो चुका है। आधिकारिक अधिसूचना जारी होते ही 21 अगस्त तक जिलाधिकारियों, पर्यवेक्षकों और प्रगणकों का प्रशिक्षण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि हरिद्वार में किया गया जनगणना का ट्रायल सफल रहा है। इस ट्रायल में 40 मुख्य सवाल शामिल थे, जिसके चलते एक घर में औसतन एक घंटे का समय लगा। हरिद्वार से मिले फीडबैक को महारजिस्ट्रार कार्यालय भेज दिया गया है, जिसके आधार पर अंतिम प्रश्नावली के कुछ सवालों में संशोधन हो सकता है।

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