उत्तराखंड की इन 4 ‘अभेद्य’ सीटों को जीतने के लिए BJP ने झोंकी ताकत, बनाया ‘माइक्रो प्लान’

ख़बर शेयर करें

उत्तराखंड के चुनावी इतिहास में लगातार दूसरी बार सत्ता पर काबिज भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की उन चार ‘अभेद्य’ विधानसभा सीटों को जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, जहाँ पार्टी आज तक कभी जीत का स्वाद नहीं चख सकी है।

भाजपा ने चकराता, पिरान कलियर, मंगलौर और धारचूला जैसी सीटों पर अपनी रीति-नीति बदलने और जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश कोर कमेटी के वरिष्ठ सदस्यों को सीधे मैदान में उतार दिया है। पार्टी इन क्षेत्रों में चुनाव तक पूरा प्रबंधन संभालने के लिए ‘माइक्रो मैनेजमेंट’ रणनीति पर काम कर रही है, जिसके तहत बूथ, मंडल, मन की बात के समन्वयक, प्रकोष्ठ और मोर्चा को एक सूत्र में पिरोया जा रहा है।

यह भी पढ़ें -  चारधाम पुनर्निर्माण: मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर अनधिकृत निर्माण पर लगेगा पूर्ण प्रतिबंध, शासनादेश के निर्देश

इसका मुख्य उद्देश्य बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की मदद से सीधे हर एक मतदाता तक अपनी पैठ बनाना है। जहाँ देहरादून की चकराता सीट पर साल 2002 से 2022 तक कांग्रेस के प्रीतम सिंह का दबदबा रहा है, वहीं पिरान कलियर और धारचूला में भी कांग्रेस का ही परचम लहराता आया है, जबकि मंगलौर सीट कभी बसपा तो कभी कांग्रेस के पास रही है।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में वक्फ बोर्ड की बड़ी पहल: हलाला और तीन तलाक पीड़िताओं को मिलेंगे मुफ्त मकान

इन सीटों की संवेदनशीलता को देखते हुए अब पार्टी मुख्यालय से सीधे गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के अनुसार संगठन स्तर पर काम बेहद तेज हो गया है और त्रिकोणीय मुकाबले वाले समीकरणों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि आगामी चुनावों में इन कठिन सीटों को जीतकर संगठन की खुशी को दोगुना किया जा सके।