ओडिशा में बच्चों की स्कूली शिक्षा के साथ खिलवाड़ का एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। राज्य में पहली कक्षा से लेकर आठवीं तक की नई छपी किताबों में कुल 1,678 गंभीर त्रुटियां पाई गई हैं, जिनमें महान वैज्ञानिक आइजैक न्यूटन को एक ‘पायलट’ बता दिया गया है, तो वहीं ऐतिहासिक हम्पी मंदिर को कोणार्क के सूर्य मंदिर के रूप में दर्शाया गया है; इतना ही नहीं, दूसरे राज्यों की मशहूर और ऐतिहासिक इमारतों को भी भूलवश ओडिशा का हिस्सा बता दिया गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पाठ्यक्रम में बदलाव के हिस्से के रूप में शिक्षक शिक्षा निदेशालय और एससीईआरटी द्वारा तैयार की गई इन नई किताबों में 1,600 से अधिक गलत जानकारियों के कारण राज्य सरकार को चौतरफा भारी आलोचना का सामना करना पड़ा और नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही शिक्षकों, अभिभावकों और आम जनता में गहरी चिंता पैदा हो गई थी।
इस पूरे मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जांच कमेटी की रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद इस पूरी प्रक्रिया से जुड़े रहे चार वरिष्ठ अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। इन निलंबित अधिकारियों में स्कूल और जन शिक्षा विभाग में विशेष सचिव मनोज पाढ़ी के अलावा सहायक निदेशक स्तर के तीन अन्य वरिष्ठ अधिकारी प्रलिप्ता मिश्रा, दिलीप कुमार साहू और भारती टुडू शामिल हैं, जिनके खिलाफ बच्चों के भविष्य के साथ लापरवाही बरतने पर यह बड़ी और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

