उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के युवाओं को नौकरी ढूंढने वालों के बजाय ‘रोजगारदाता’ बनाने के लिए कई नई नीतियां और प्रभावी योजनाएं लागू करने का बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य के युवाओं में देश और प्रदेश को नई दिशा देने की अद्भुत शक्ति है, और अब उन्हें पर्यटन, परिवहन तथा उद्यान जैसे क्षेत्रों में स्वरोजगार अपनाकर आगे आना होगा।
इस उद्देश्य के लिए सरकार ने स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने हेतु ₹200 करोड़ का वेंचर फंड भी तैयार किया है, जिसका मुख्य लक्ष्य बेरोजगारी की समस्या को जड़ से खत्म करना है। धामी सरकार के पिछले चार साल के कार्यकाल में 33 हजार से ज्यादा लोगों को विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरियां मिली हैं, और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए नकल माफियाओं पर बेहद सख्त कार्रवाई की गई है।
इसके अतिरिक्त, राज्य की वर्तमान ₹3.81 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था को ₹5 लाख करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए ग्लोबल इन्वेस्ट समिट के तहत कृषि और उद्यान सेक्टर में सेब, मिलेट, कीवी और ड्रैगन फ्रूट मिशन जैसी कई नई नीतियां लागू की गई हैं।
भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए मुख्यमंत्री धामी ने साफ किया कि अब छोटी मछलियों के साथ-साथ बड़े मगरमच्छों को भी जेल की सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है, और देवभूमि की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक पहचान से खिलवाड़ करने वाले सनातन विरोधी तत्वों पर सख्ती बरती जा रही है।

