शराब पर प्रतिबंध नहीं लेकिन सचिवालय में शराब पर सवाल तो बनता है…..सचिवालय में मिली बीयर की खाली केन, क्या यही है सरकारी कार्यसंस्कृति ?

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देहरादून। उत्तराखंड में शराब पर कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन जब शराब की खाली बोतलें या बीयर की खाली केन किसी सरकारी कार्यालय परिसर में दिखाई दें, तो सवाल केवल शराब का नहीं बल्कि सरकारी कार्यसंस्कृति और निगरानी व्यवस्था पर भी उठता है।
प्रदेश के सबसे बड़े प्रशासनिक केंद्र सचिवालय से सामने आई तस्वीरों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिसर में पड़ी बीयर की खाली केन यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर यह वहां तक पहुंची कैसे? क्या यह केवल किसी बाहरी व्यक्ति की लापरवाही का नतीजा है या फिर कार्यालय परिसर में निगरानी व्यवस्था में कहीं न कहीं बड़ी चूक है? सचिवालय वह स्थान है, जहां से पूरे प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था संचालित होती है। ऐसे में यदि परिसर में इस तरह की वस्तुएं दिखाई दें, तो स्वाभाविक रूप से सवाल उठना तय है। यदि प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय की निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं, तो अन्य सरकारी दफ्तरों की स्थिति कैसी होगी, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि खाली केन वहां किसने छोड़ी और उसका संबंध किसी कर्मचारी, आगंतुक या अन्य व्यक्ति से है। लेकिन इतना जरूर है कि ऐसी तस्वीरें सरकारी कार्यालयों की छवि को प्रभावित करती हैं और स्वच्छ एवं अनुशासित कार्यसंस्कृति पर प्रश्नचिह्न लगा देती हैं।
अब जरूरत इस बात की है कि सचिवालय प्रशासन पूरे मामले की जांच कराए, परिसर की नियमित निगरानी सुनिश्चित करे और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करे। आखिर जब जवाबदेही तय होगी, तभी सरकारी कार्यालयों की गरिमा और अनुशासन दोनों कायम रह पाएंगे।

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