“डाकिए की बड़ी लापरवाही, उड़ा ले गई 5.65 लाख की कमाई”, जालसाजों ने 10 दिन में साफ कर डाला खाता

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देहरादून के जोगीवाला क्षेत्र में एक बेहद हैरान करने वाला बैंक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहाँ डाक विभाग की घोर लापरवाही के कारण एक खाताधारक को लाखों रुपयों का चूना लग गया। दरअसल, आईआईपी मोहकमपुर खुर्द के रहने वाले राजीव उर्फ राजू का मियावाला स्थित पंजाब नेशनल बैंक में एक बचत खाता है।

राजीव ने हाल ही में अपनी एक जमीन बेची थी, जिसके पैसों के लेन-देन को आसान बनाने के लिए उन्होंने बैंक में एटीएम कार्ड और चेकबुक के लिए आवेदन किया था। बीते दिनों पोस्टमैन उनके घर आकर एटीएम कार्ड तो दे गया, लेकिन बैंक द्वारा डाक से भेजी गई चेकबुक उसने राजीव को न देकर किसी गलत व्यक्ति को सौंप दी।

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इसी बीच राजीव बीमार होने के कारण अस्पताल में भर्ती हो गए और जब उन्हें पैसों की जरूरत पड़ी तो उन्होंने पोस्टमैन से चेकबुक के बारे में पूछा। तब डाकिया ने गैर-जिम्मेदाराना जवाब देते हुए बताया कि चेकबुक किसी अन्य व्यक्ति ने ले ली है। जब राजीव ने घबराकर बैंक में अपनी पासबुक अपडेट कराई, तो उनके होश उड़ गए।

जालसाजों ने उस चेकबुक के 8 चेकों का इस्तेमाल करके 1 मई से 10 मई के बीच अलग-अलग शाखाओं से उनके खाते से कुल 5.65 लाख रुपये निकाल लिए थे। पीड़ित की पत्नी ने इस मामले की शिकायत एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल से की, जिसके बाद नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच और पोस्टमैन से पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी है।

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डाक विभाग की लापरवाही और मुख्य पोस्टमास्टर जनरल का कड़ा रुख

इस पूरे मामले में सबसे बड़ी चूक डाकिया (पोस्टमैन) की तरफ से देखने को मिली है, जिसने न केवल चेकबुक बल्कि किसी अन्य व्यक्ति को पासबुक भी थमा दी, जो सुरक्षा नियमों का सीधा उल्लंघन है। इस गंभीर लापरवाही पर उत्तराखंड की चीफ पोस्टमास्टर जनरल, शशि शालिनी कजूर ने सख्त रुख अपनाया है।

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उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि डाक विभाग के नियमों के अनुसार पोस्टमैन का यह दायित्व है कि चेकबुक केवल उसी व्यक्ति को सौंपी जाए जिसका वह खाता है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला मानते हुए आश्वासन दिया है कि इस लापरवाही की पूरी विभागीय जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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