उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां कनालीछीना विकासखंड के एक हाईस्कूल में तैनात शिक्षक पर अपनी ही दसवीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित छात्रा इस कृत्य के कारण गर्भवती हो गई और आरोपी शिक्षक ने अपनी करतूत को छुपाने के लिए उसे जबरन गर्भपात की दवा खिला दी। दवा खाने के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण छात्रा की तबीयत अचानक बेहद बिगड़ गई, जिसके बाद घबराए परिजन उसे आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल ले गए।
अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा की गई जांच के दौरान जैसे ही छात्रा के गर्भवती होने की पुष्टि हुई, वैसे ही आरोपी शिक्षक के इस काले कारनामे का भंडाफोड़ हो गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।
इस पूरे मामले के मुख्य घटनाक्रम के अनुसार, जब पीड़िता की हालत गंभीर हुई तो परिजन उसे कनालीछीना के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कनालीछीना के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रशांत धानिक ने बताया कि जब छात्रा को अस्पताल लाया गया तो उसकी स्थिति काफी नाजुक थी।
डॉक्टरों द्वारा की गई चिकित्सीय जांच में जब किशोरी के गर्भवती होने की बात पूरी तरह स्पष्ट हुई, तो अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत इस मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस को दी गई शिकायत और जांच में सामने आया कि आरोपी शिक्षक काफी समय से छात्रा का शारीरिक शोषण कर रहा था और भेद खुलने के डर से उसने छात्रा को चुपके से गर्भपात की दवा दी थी, जिससे पीड़िता की जान पर बन आई थी।
चिकित्सकों द्वारा सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस महकमा एक्शन मोड में आ गया और मामले की जांच शुरू कर दी गई। सीओ के.एस. रावत ने इस संबंध में आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित छात्रा के नाबालिग होने और मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को हिरासत में ले लिया और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी शिक्षक को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

