SIR में शिक्षकों का उत्पीड़न! एक ही शिक्षिका की तीन जगह ड्यूटी, मानसिक तनाव झेलने को मजबूर शिक्षक

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उत्तराखंड में शिक्षकों की SIR ड्यूटी को लेकर एक बड़ा असमंजस और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया है। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने इस अव्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे शिक्षकों का खुला उत्पीड़न करार दिया है। संघ के प्रांतीय अध्यक्ष विनोद थापा के मुताबिक, इन दिनों स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं।

बावजूद इसके अधिकतर शिक्षकों की ड्यूटी उनके मूल कार्यस्थल से 50 से 60 किलोमीटर दूर लगा दी गई है, जिससे उन्हें मानसिक तनाव और भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस लापरवाही और मनमर्जी के विरोध में शिक्षक संघ ने 8 जून को शिक्षक सचिवालय कूच करने और एक बड़ा आंदोलन खड़ा करने का ऐलान किया है।

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एक ही तैनाती पर तीन जगह ड्यूटी का पूरा प्रकरण

इस पूरे मामले में सबसे बड़ी गड़बड़ी देहरादून तहसील कार्यालय की लापरवाही के रूप में सामने आई है, जहां एक ही महिला शिक्षिका की ड्यूटी एक साथ तीन अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में लगा दी गई है। उन्हें धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के दीपनगर में BLO के रूप में तैनात करने के साथ-साथ, धर्मपुर के ही एक अन्य स्थान और कैंट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत दो और जगहों पर ड्यूटी पर झोंक दिया गया है।

शिक्षकों का आरोप है कि तहसील कार्यालय से मनमर्जी के मुताबिक कुछ लोगों के नाम जोड़े और हटाए गए हैं, जिससे कई शिक्षकों की दो से तीन जगह ड्यूटी लग गई है और उनके सामने यह संकट खड़ा हो गया है कि वे एक ही समय पर सभी जगहों पर कैसे उपस्थित हों।

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दूरी और गर्मी की छुट्टियों में ड्यूटी से बढ़ता मानसिक तनाव

शिक्षकों की समस्या सिर्फ गलत नियुक्तियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि गर्मी की छुट्टियों के दौरान उन्हें उनके घर या मूल कार्यस्थल से 50 से 60 किलोमीटर दूर भेज दिया गया है। अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ ड्यूटी लगाए जाने के कारण शिक्षकों और शिक्षिकाओं के लिए हर जगह समय पर पहुंच पाना पूरी तरह से असंभव हो रहा है, जिससे उनका मानसिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और वे समझ नहीं पा रहे हैं कि इस अव्यवस्था के बीच क्या करें।

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जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष विनोद थापा ने इस पूरे प्रकरण को प्रशासन की मनमर्जी और शिक्षकों के साथ सरासर उत्पीड़न बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक स्तर पर की गई इस गंभीर लापरवाही को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस अव्यवस्था के खिलाफ और अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाने के लिए प्रदेश भर के शिक्षक आगामी 8 जून को शिक्षक सचिवालय की तरफ कूच करेंगे और सरकार व प्रशासन के खिलाफ अपना उग्र विरोध दर्ज करवाएंगे।

 

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