देहरादून के कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार मे अवैध कब्जा, सामाजिक सुरक्षा, अतिक्रमण, भूमि विवाद और आर्थिक सहायता से जुड़ी कुल 167 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से अधिकतर समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया। वहीं शेष मामलों के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है, लेकिन इस बार का जनता दरबार बेहद संवेदनात्मक और अहम रहा, जिसमें सबसे अधिक दयनीय स्थिति उन बुजुर्गों की रही जो अपने ही घर में अपने ही बेटे-बहू के उत्पीड़न के शिकार हैं। किसी ने अपने ही बेटे-बहू पर मारपीट के आरोप लगाए तो वहीं कुछ ने अपने ही घर से जबरन निकाले जाने को लेकर फरियाद लगाई।
बुजुर्ग दंपत्तियों ने बेटे-बहू की करी शिकायत
इस कड़ी में फतेहपुर निवासी 80 वर्षीय बीर सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके अपने बेटा-बहू उनसे मारपीट करते हैं। हालांकि, वह उक्त मामले की शिकायत कई बार पुलिस में भी कर चुके हैं लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आलम यह है कि अब बेटा-बहू उन्हें जबरदस्ती उन्ही की संपत्ति से बेदखल करने की बात कर रहे हैं। वहीं इस समस्या का निस्तारण करते हुए एसपी देहात को वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसी प्रकार दूसरी शिकायत, इंद्रा कालोनी निवासी 68 वर्षीय अशोक कुमार धवन ने भी दर्ज करवाई, जिसमें उन्होंने बताया कि उनका बेटा भी उनसे मारपीट करता है, इतना ही नहीं वह उन्हें जान से मारने की धमकियां भी देता है। इसी प्रकार हरेकृष्णा विहार निवासी शकुंतला कौर ने अपने बेटे-बहू पर की शिकायत करते हुए बताया कि बेटा-बहू ने उन्हें और उनके 75 वर्षीय पति को घर से निकालने की कोशिश करी है। उक्त मामलों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने एसडीएम को भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज करने के निर्देश दिए।
इस प्रकार एक दिव्यांग बुजुर्ग वीरेन्द्र धीमान ने बताया कि उनका कोई सहारा नहीं है और अब वह काम करने में भी असमर्थ हैं। इस पर एसडीएम को आर्थिक सहायता के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।
फीस माफी की लगाई गुहार
जनता दरबार के दौरान कुछ मामले फीस माफी के भी रहे, जिसमें कांवली रोड निवासी अमरजीत कौर ने बेटियों की फीस माफी की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि पति के साथ न रहने के कारण बच्चों के पालन-पोषण में बेहद कठिनाई आ रही है। जिस पर मुख्य शिक्षा अधिकारी को नंदा सुनंदा प्रोजेक्ट के तहत आर्थिक सहायता प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। वहीं माजरीमाफी निवासी कक्षा 12 के छात्र आर्यन रमोला ने पिता की मृत्यु के बाद आर्थिक संकट के कारण फीस माफी की मांग की। वहीं डालनवाला निवासी विनिता ने पुत्र के निजी विद्यालय में प्रवेश के लिए सहायता मांगी।

