चारधाम की चढ़ाई से ज्यादा भारी पड़ा सिस्टम का ढीलापन, 32 से ज्यादा मौतों ने खोली महकमे की पोल….

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उत्तराखंड की चार धाम यात्रा को अभी एक महीना भी पूरा नहीं हुआ है। श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है उत्तरकाशी से लेकर हरिद्वार तक चमोली से रुद्रप्रयाग तक हर जगह भक्तों का तांता लगा हुआ है। तीर्थयात्रियों की आमद और सरकार के बेहतरीन इतंजामो की तारीफ जहां दिल खुश कर रही है तो वहीं कुछ महकमो की काहिली और कारिदों की हीलाहवाली डरा भी रही है। जिससे कालिख पुतने की पूरी गुजाइश दिख रही है। वो इसलिए कि यात्रा को एक महीना पूरा नहीं हुआ जबकि यात्रा को दौरान तीस से ज्यादा तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है।

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सरकार ने चारधाम यात्रा से पहले ही मोटी पगार लेने वाले जिम्मेदार सरकारी कारिंदो को सारी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके सिस्टम के कुछ तार हिलते रहे। यातायात से लेकर स्वास्थ्य महकमे के इंतजामात तक पर उंगलियां उठती रही। सोचा जाए तो तीस मौते कम नहीं होती.. ये आंकड़ा काफी है… चार धाम को रफ्तार देने वाले पहियों की रेस पर ब्रेक लगाने के लिए भी.. और कमजोर दिल वाले श्रद्धालुओं को डराने के लिए भी ।

जो मौते हुई हैं उनका जिम्मेदार कौन है ? कहीं न कहीं कोई चूक तो हुई है..श्रीपेरंबटूर से आए श्रद्धालु को क्या मालूम कि जहां भगवान श्रीबदरीनाथ या केदारनाथ जी विराजमान हैं वो इलाका हिमालय की ट्रीलाइन से ऊपर का बर्फीला हिस्सा है, जहां ऑक्सीजन की कमी होना आम बात है। अब जहां ऑक्सीजन कम हो वहां उम्रदराज श्रद्धालु को या उस मासूम बच्चे को जो खुद विकास के पायदान चढ़ रहा हो कैसे दर्शन करवाए जा सकते हैं।

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खुदा ना खास्ता किसी की जान पर बन आई तो उस अपराध बोध का बोझ सीएम के कांधे पर क्यों लादा जाए। सीएम तो जरूरतमंद को मौके पर ऑक्सीजन प्रोवाइड करने सचिवालय छोड़ कर जा नहीं पाएंगे। ऑक्सीजन का सिलेंडर तो उसी सिस्टम को देना होगा जिसके कांधे पर उसकी जिम्मेदारी है, जिसके लिए उसे तैनात किया गया है उसको पगार दी जाती है।

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सवाल ये है कि जब हर विभाग को शासन ने चारधाम यात्रा के लिए चौकस किया था, तो फिर यात्रा मार्ग की पगडंडियो से मातम वाली खबरें क्यों ऊतर रही हैं। कहीं न कहीं कोई कामचोर कड़ी तो है जो इतनी बड़ी यात्रा को हल्के में ले रहा है। जिसका खामियाजा उत्तराखंड को भुगतना पड़ रहा है। साहब चूक तो है, 32 मौते कम नहीं होती !

Date- 6 May 2026 ( Char Dham Yatra 2026)

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