उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है कि अब श्रीनगर, हल्द्वानी और अल्मोड़ा के मेडिकल कॉलेजों में जल्द ही हृदय रोगों का बेहतर इलाज मिल सकेगा। सरकार के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के अनुसार, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में इसी महीने के भीतर ‘कैथ लैब’ शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे दिल की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को अब इलाज के लिए बड़े शहरों या मैदानी इलाकों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। यह सुविधा स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।
कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती और सुपर स्पेशलिटी सेवाओं का विस्तार
अस्पतालों में सुविधाओं के साथ-साथ विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। हल्द्वानी और अल्मोड़ा के मेडिकल कॉलेजों में हृदय रोग विशेषज्ञों की तैनाती की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जबकि श्रीनगर में कार्डियोलॉजिस्ट ने पहले ही अपनी ज्वाइनिंग दे दी है। डॉक्टरों को पहाड़ों की ओर आकर्षित करने के लिए सरकार ‘यूकोड वीपी’ योजना के तहत आकर्षक वेतन देने का भी निर्णय ले चुकी है। सरकार का मुख्य उद्देश्य सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिटी सेवाओं का विस्तार करना है ताकि राज्य के हर नागरिक को उनके घर के नजदीक ही विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श और उपचार उपलब्ध हो सके।

