उपनल कर्मचारियों की आंखें पथराईं, न पुराना मानदेय मिल रहा न नई पगार

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समान काम का समान वेतन के आदेश को जारी हुए तीन महीने का वक्त गुजर चुका है लेकिन उपनल कर्मियो के हाथ चौथे महीने भी रीते हैं। उन्हें अब तक विभाग समान काम का समान वेतन नहीं दे पाए हैं। सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपनल कर्मियों पर नजरेंइनायत करते हुए समान काम का समान वेतन दिलाने की पहल की थी लेकिन सीएम का आदेश विभाग की पाइप लाइन में फंस कर रह गया है। फरवरी में हुए शासनादेश पर अब तक एक्शन नहीं हुआ।

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जिसके चलते उपनलकर्मियों की आंखे पथरा गई है। उन्हें समान काम वाली पगार का इंतजार है जो बढ़ता ही जा रहा है।खबर है कि विभागीय लेटलतीफी के चलते उपनल कर्मियों का अनुबंध तेजी से नही हो पा रहा है जिसके चलते उपनल कर्मी अधर में लटक गए हैं। न तो विभाग से नई पगार मिल रही है और ने उपनल वाला मानदेए।

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ऐसे में उपनलकर्मी परेशान हैं और सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं ताकि विभागीय अनुबंधों में तेजी आए और उन्हें समान काम के लिए समान वेतन मिल सके। बताया जा रहा है कि फरवरी में हुए जीओ के मुताबिक दो महीनों के भीतर विभागों को उपनलकर्मियों के साथ समान वेतन का करार करना था।

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लेकिन विभागों की सुस्ती के चलते जून के पहले पखवाड़े में भी वर्तमान तैनाती वाले विभागों में उपनल कर्मियों का पगार को लेकर अनुबंध नहीं हो पाया है। जिसके चलते उपनल कर्मियों का आक्रोश बढ रहा है और सब्र टूट रहा है। गौरतलब है राज्य में तकरीबन 11 हजार उपनल कर्मियों को समान काम का समान वेतन मिलना है।

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