सरकारी सस्ते गल्ले का राशन असली जरूरतमंद तक पहुंचे और तिड़मबाज गरीब-गुरबों के हक पर डाका न डाल सकें इसके लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर दी है। उत्तराखंड में राशनकार्ड बनाना अब आसान नहीं है। फर्जीवाड़ा पर लगाम कसने के इरादे से सूबे के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने अपने मानको को सख्त कर दिया है।
राशन कार्ड से जुड़ी हर प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। ऐसे में अब बिना ओटीपी और ईकेवाईसी के बिना राशन कार्ड से जुड़े कोई भी काम नहीं हो पाएंगे। आपको स्थानांतरण करवाना हो,या राशन कार्ड में नई यूनिट जोड़ने हों या हटाने हों हर चीज के लिए ओटीपी की दरकार रहेगी। ओटीपी और ई-केवाईसी के बिना राशन कार्ड से जुड़ा कोई भी काम पूरा नहीं होगा।
वहीं आय निर्धारण के लिए शपथ पत्र अब मान्य नहीं होगा, बल्कि सक्षम प्राधिकारी का प्रमाणित आय प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने राशन कार्ड प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल कर दिया है। नए नियमों के तहत सभी कार्ड आधार से जुड़े मोबाइल नंबर से लिंक किए गए हैं।
ऐसे में कोई भी बदलाव करने के लिए आधार लिंक मोबाइल पर ओटीपी आएगा, जिसे वेरिफाई करने के बाद ही राशन कार्ड मे बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ई-केवाईसी अब हर आवेदक के लिए जरूरी कर दी गई है। बिना ई-केवाईसी के नया राशन कार्ड नहीं बनेगा और न ही पुराने कार्ड में संशोधन होगा। दस्तावेज स्कैन कर अपलोड करने होंगे।
फर्जी दस्तावेजों से कार्ड बनवाने के मामलों पर रोक लगाने के लिए विभाग ने सभी दस्तावेज ऑनलाइन स्कैन कर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया है। अब आवेदक को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, लेकिन हर दस्तावेज की सॉफ्ट कॉपी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।
नौकरीपेशा लोगों को सैलरी स्लिप और पेंशनभोगियों को संबंधित दस्तावेज अपलोड करने होंगे, व्यवसायियों को जीएसटी रिटर्न या आयकर रिटर्न देना होगा। तब जाकर राशन कार्ड बनेगा। माना जा रहा है कि डिजिटल प्रक्रिया से डुप्लीकेसी खत्म होगी और सब्सिडी का पैसा सही लोगों तक पहुंचेगा।
अगर आपको भी राशनकार्ड बनवाना है तो fcs.uk.gov.in पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आधार लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा. ई-केवाईसी, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, परिवार की फोटो और आधार कार्ड अपलोड करने के बाद आवेदन सबमिट होगा. सत्यापन के बाद 30 दिन में कार्ड जारी होगा

