देहरादून। उत्तराखंड में साल 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सियासी पारे में उबाल आ गया है। पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की पत्नी दीप्ति रावत के सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। दीप्ति रावत ने अपने परिवार को लेकर प्रसारित हो रहे वीडियो पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे मानसिक उत्पीड़न करार दिया है और कानूनी कार्रवाई के तहत न्यायालय की शरण लेने का ऐलान किया है। इस गर्मा गर्मी के बीच अब कांग्रेस नेत्री सोनिया आनंद भी मैदान में उतर आई हैं।
सोनिया आनंद ने इस पूरे प्रकरण पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मीडिया की कार्यशैली पर ही बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी व्यक्ति के निजी जीवन और पारिवारिक मामलों में अनावश्यक दखल देना और उन्हें राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उन्होंने मीडिया को नसीहत देते हुए संयम बरतने और लक्ष्मण रेखा में रहने की सलाह दी है।
दीप्ति रावत मामले की आड़ में सोनिया आनंद ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि जब-जब जनता सरकार से उसकी विफलताओं पर जवाब मांगती है, तब-तब सत्ता पक्ष ध्यान भटकाने के लिए ऐसे निजी मामलों को तूल देता है। उन्होंने कहा कि जनता का ध्यान बुनियादी और गंभीर मुद्दों से भटकाने के लिए यह एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति के तहत किया जा रहा है।
सरकार को घेरते हुए कांग्रेस नेत्री ने राज्य के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से लेकर कथित 210 करोड़ रुपये के बड़े वित्तीय घोटाले का खुलकर जिक्र किया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि बीजेपी इन संवेदनशील और गंभीर घोटालों पर अपना मुंह क्यों बंद किए हुए है? सरकार को इन मामलों पर प्रदेश की जनता को स्पष्ट जवाब देना चाहिए, न कि पारिवारिक विवादों के पीछे छुपना चाहिए।
वर्ष 2027 के चुनावी रण का जिक्र करते हुए सोनिया आनंद ने स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस पार्टी इस तरह के हथकंडों और डायवर्जन की राजनीति से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के असली मुद्दों, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर पूरी मजबूती से सड़क पर संघर्ष जारी रखेगी और बीजेपी को हर मोर्चे पर जवाबदेह बनाएगी।

