Rishikesh Crime: नशीला पदार्थ देकर नाबालिग से दुष्कर्म और वीडियो ब्लैकमेलिंग, आरोपी गिरफ्तार

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ऋषिकेश। धर्मनगरी ऋषिकेश में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म, अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। कोतवाली पुलिस की टीम ने रविवार को गुप्त सूचना के आधार पर नेहरूग्राम स्थित आरोपी के घर के बाहर दबिश देकर उसे दबोच लिया। पीड़िता की मां की तहरीर पर 24 अगस्त को मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार 20 वर्षीय आरोपी की पहचान अखिलेश उर्फ अक्की के रूप में हुई है। ऋषिकेश कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक यशपाल बिष्ट ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया है और कानूनी कार्रवाई जारी है। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि आरोपी ने नाबालिग को तपोवन क्षेत्र के एक होटल में बुलाया था। वहां उसने पीड़िता को नशीला पदार्थ देकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया और उसके आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बना लिए।

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इसके बाद आरोपी लगातार वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता को ब्लैकमेल करने लगा। यह सिलसिला करीब एक साल से देहरादून, ऋषिकेश और तपोवन के अलग-अलग स्थानों पर चल रहा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब बार-बार नशीला पदार्थ दिए जाने के कारण 11वीं की छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। अस्पताल में जांच के दौरान उसके शरीर में नशीले पदार्थ की पुष्टि हुई, जिसके बाद परिजनों के पूछने पर पीड़िता ने पूरी आपबीती बताई।

घटना के बाद से ही आरोपी पीड़िता पर फोन और मैसेज के जरिए मिलने का दबाव बना रहा था। ऋषिकेश और तपोवन जैसे पर्यटन क्षेत्रों में नाबालिगों तक ड्रग्स की पहुंच ने स्थानीय अभिभावकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस सनसनीखेज वारदात के बाद तपोवन और ऋषिकेश के होटलों में फलफूल रहे अवैध कारोबार पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इससे पहले अगस्त महीने में भी रेलवे रोड स्थित एक होटल में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला आया था, जिसमें होटल मैनेजर और संचालक पर भी कार्रवाई हुई थी।

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स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की लापरवाही के चलते होटलों और होम स्टे में बिना पहचान पत्र व सत्यापन के कमरे दिए जा रहे हैं। 1 सितंबर से सत्यापन अभियान चलाने के दावों के बावजूद धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।

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वहीं मुनि की रेती और तपोवन क्षेत्र में होटलों का अनियंत्रित जाल फैल चुका है। पर्यटन विभाग के अनुसार ऋषिकेश में लगभग 500 से 600 आधिकारिक पंजीकृत होटल/होम स्टे हैं। जबकि वास्तविक रूप से संचालित होटल 1000 से अधिक होटल संचालित किए जा रहे हैं जो कि अवैध रुप से संचालित हैं।

खुफिया एजेंसियों ने भी तपोवन के कई होटलों में रेव पार्टियों और अनैतिक गतिविधियों की आशंका जताई है। स्थानीय निवासियों ने पर्यटन विभाग और पुलिस से संयुक्त चेकिंग अभियान चलाकर सुरक्षा मानकों की गहन जांच करने की मांग की है।

वहीं, नरेंद्र नगर के सीओ सुरेंद्र सिंह भंडारी का कहना है कि तपोवन क्षेत्र के होटलों की लगातार निगरानी की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।