अस्पताल पहुंचीं महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल: मंत्री रेखा आर्या का जाना हाल, SSP को जांच के सख्त आदेश

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देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े कथित पारिवारिक विवाद, मानसिक प्रताड़ना और वायरल वीडियो प्रकरण का उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने स्वतः गंभीर संज्ञान लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आयोग ने पुलिस प्रशासन को इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग की इस सख्त कार्रवाई से राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो गई है।

इसी क्रम में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अस्पताल पहुंचकर उपचाराधीन मंत्री रेखा आर्या से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने डॉ. गीता खन्ना समेत उपचार में जुटे अन्य चिकित्सकों से भी मंत्री की सेहत के बारे में बातचीत की तथा बेहतर इलाज और उचित निगरानी सुनिश्चित करने का विशेष आग्रह किया।

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मामले की गंभीरता को भांपते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोभाल से भी बातचीत की और प्रकरण की अद्यतन स्थिति जानी। आयोग की ओर से पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की सूक्ष्मता से जांच की जाए। तकनीकी साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर पारदर्शी कार्रवाई करने को कहा गया है।

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इस दौरान मीडिया से बात करते हुए आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने दो टूक कहा कि महिला सुरक्षा और न्याय के मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला चाहे आम हो या फिर किसी विशिष्ट पद पर हो, राज्य महिला आयोग हर पीड़ित महिला के साथ पूरी मजबूती और प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है।

उन्होंने आगे कहा कि घरेलू हिंसा और उत्पीड़न जैसी स्थितियों में किसी भी महिला को चुपचाप प्रताड़ना सहने की आवश्यकता नहीं है। प्रत्येक महिला को अपने अधिकारों और सम्मान के लिए आवाज उठाने का पूरा अधिकार प्राप्त है। महिलाएं अपने परिवार, बच्चों के भविष्य और रिश्तों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास करती हैं, किंतु इसका अर्थ यह कदापि नहीं है कि वे मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना सहन करें।

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कानून की महत्ता को रेखांकित करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि देश और राज्य के कानून के समक्ष सभी नागरिक पूरी तरह समान हैं और कानून से ऊपर कोई भी व्यक्ति नहीं हो सकता। राज्य महिला आयोग ने दोहराया है कि पुलिस जांच के दौरान यदि किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता इस प्रकरण में पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध कानून के प्रावधानों के तहत सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।