उत्तराखंड के मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक सफलता सामने आई है, जहां राज्य की ‘रेनबो ट्राउट मछली’ ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है. मत्स्य विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने देहरादून में एक प्रेस वार्ता के दौरान इस बड़ी उपलब्धि की घोषणा की।
उन्होंने बताया कि पिथौरागढ़ जिले के धारचूला और मुनस्यारी क्षेत्र की तीन मत्स्य जीवी सहकारी समितियों ने राज्य सरकार के सहयोग से नेपाल को 5 मीट्रिक टन ट्राउट मछलियों की सफल सप्लाई की है। इस निर्यात से क्षेत्र के 33 स्थानीय मत्स्य पालकों को लगभग 23.50 लाख रुपये की सीधी आय हुई है, जिसके लिए मत्स्य विभाग ने हार्वेस्टिंग, पैकेजिंग और परिवहन के लिए 5.40 lakh रुपये की गैप फंडिंग सहायता भी प्रदान की।
मंत्री बहुगुणा के अनुसार, दुबई में आयोजित ‘गल्फ फूड एक्सपो’ के दौरान अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों से बने संपर्कों के सकारात्मक परिणाम स्वरूप अब विभाग यूरोप, मध्य-पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों में निर्यात की संभावनाएं तलाश रहा है, जिसके तहत आने वाले दिनों में करीब 30 टन मछली विदेशों में भेजने की तैयारी है।
राज्य में मत्स्य पालकों की संख्या 2022 के 10,011 से बढ़कर अब 15,657 हो गई है, जिसमें 3,584 महिलाएं शामिल हैं। वर्ष 2012-17 में जो मत्स्य उत्पादन वृद्धि दर मात्र दो प्रतिशत थी, वह वर्ष 2022-26 में बढ़कर 11 प्रतिशत हो गई है। वर्ष 2026-27 में राज्य में कुल 11,805 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन हुआ है, जिसका कुल मूल्य लगभग 165 करोड़ रुपये है।
मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना और नवीन ट्राउट प्रोत्साहन योजना के तहत चमोली, पिथौरागढ़ और सितारगंज में आधुनिक एक्वा फार्म और प्रोसेसिंग यूनिट्स तैयार की जा रही हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

