उत्तराखंड में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस पार्टी ने राज्य की सत्ता में वापसी के लिए अपनी सियासी तैयारियां बेहद तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में कांग्रेस के शीर्ष नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लंबे समय के बाद देवभूमि के दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं, जहाँ वे जनसभाओं को संबोधित कर पार्टी के चुनावी अभियान का बिगुल फूंकेंगे।
लगातार मिली चुनावी शिकस्तों के बाद कार्यकर्ताओं में नया जोश फूंकने और संगठन को नई ऊर्जा देने के लिए राहुल गांधी का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। आगामी 4 और 5 जून को होने वाले उनके इस आगमन को लेकर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस पूरी तरह जुट गई है, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने अल्मोड़ा में होने वाली विशाल रैली और पौड़ी में आयोजित होने वाले पूर्व सैनिक सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए धरातल पर मोर्चा संभाल लिया है।
प्रियंका गांधी को उत्तराखंड आने का निमंत्रण
राहुल गांधी के इस बड़े दौरे के साथ-साथ कांग्रेस महिला संगठन भी अपनी रणनीतियों को धार देने में लगा हुआ है। इसी कड़ी में प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने नई दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा से विशेष मुलाकात की और उन्हें महिला संगठन की गतिविधियों से अवगत कराते हुए उत्तराखंड आने का औपचारिक निमंत्रण दिया।
प्रियंका गांधी ने इस आमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हुए जल्द ही देवभूमि आने का भरोसा दिया है और चुनावी वर्ष को देखते हुए संगठन को बूथ स्तर पर बेहद मजबूत व सक्रिय करने की जरूरत बताई। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अब उत्तराखंड पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा पहले ही कुमाऊं और गढ़वाल मंडल का पांच-पांच दिनों का विस्तृत दौरा कर जमीनी हकीकत टटोल चुकी हैं।
वहीं पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के दौरों और विभिन्न कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने के लिए कांग्रेस ने अपने कद्दावर और अनुभवी नेताओं को मैदान में उतार दिया है। पौड़ी में होने वाले पूर्व सैनिक सम्मेलन के सफल आयोजन की कमान विधायक विक्रम सिंह नेगी को संयोजक बनाकर सौंपी गई है, जबकि अल्मोड़ा में होने वाली मुख्य रैली की व्यवस्थाओं की निगरानी स्वयं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और विधायक मनोज तिवारी कर रहे हैं।
इसके साथ ही प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल सहित तमाम बड़े चेहरे लगातार कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं ताकि राहुल गांधी के इस दौरे के माध्यम से जनता के बीच सत्ता परिवर्तन का एक मजबूत संदेश दिया जा सके।

