देहरादून में अपने शासकीय आवास पर एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक लेते हुए सूबे के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चल रही विभिन्न निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं की प्रगति की बारीकी से जांच की। उन्होंने भीषण गर्मी और आम जनता की दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि कंडारस्यूं, भीड़ा-हस्यूंड़ी और बिडोली ग्राम समूह पंपिंग पेयजल योजनाओं का बचा हुआ काम हर हाल में एक महीने के भीतर पूरा कर लिया जाए।
मंत्री ने जल जीवन मिशन के मानकों के तहत ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुदूर पहाड़ी इलाकों तक पीने का साफ पानी पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी वजह से श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र की कई बड़ी परियोजनाओं को अंतिम चरण में लाकर तेजी से पूरा किया जा रहा है, ताकि लोगों को पानी की किल्लत से स्थाई निजात मिल सके।
30 गांवों में जल्द शुरू होगी जलापूर्ति
समीक्षा बैठक के दौरान जल जीवन मिशन के तहत संचालित अन्य सहायक योजनाओं और एनआईटी पेयजल पंपिंग योजना के कार्यों का भी गहन मूल्यांकन किया गया। विभागीय अधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री को अवगत कराया कि क्षेत्र की अधिकांश पेयजल योजनाओं पर काम युद्ध स्तर पर गतिमान है, जिसमें से दो बड़ी परियोजनाओं को आगामी एक माह की तय समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया जाएगा।
बैठक में विशेष रूप से ढिकाल गांव पंपिंग योजना का मामला उठा, जो पिछले कुछ समय से गंभीर तकनीकी समस्याओं के कारण अटकी हुई थी और जिसकी वजह से क्षेत्र के करीब 30 गांव लंबे समय से पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे थे। मंत्री ने इन तकनीकी कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रभावित गांवों में शीघ्र ही जलापूर्ति बहाल की जाए और इसके साथ ही थलीसैंण नगर पंचायत की निर्माणाधीन योजनाओं की प्रगति की भी निरंतर मॉनिटरिंग की जाए।
अधिकारियों को तत्काल कार्ययोजना बनाने के आदेश
श्रीनगर के मुख्य नगरीय क्षेत्रों में गर्मियों के दौरान पैदा होने वाली पानी की किल्लत और स्थानीय नागरिकों की लगातार आ रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को एक मजबूत और प्रभावी तात्कालिक कार्ययोजना (Action Plan) तैयार कर काम शुरू करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहरी आबादी को पानी के संकट से बचाना बेहद जरूरी है और इसमें किसी भी प्रकार की प्रशासनिक ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस उच्च स्तरीय बैठक में व्यवस्था को पारदर्शी और गतिमान बनाने के लिए पेयजल निगम के मुख्य अभियंता मुख्यालय संजय सिंह, मुख्य अभियंता गढ़वाल अनुपम रतन, अधीक्षण अभियंता मोहम्मद निशम, अधिशासी अभियंता नवीन बिष्ट सहित जल संस्थान पौड़ी के अधिशासी अभियंता टीएस रावत, सुभाष भट्ट, अर्पित मित्तल और अजय गुरुंग जैसे तमाम वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें धरातल पर काम की रफ्तार बढ़ाने की सख्त ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

