उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर क्षेत्र से नकली नोट खपाने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जहां गदरपुर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुल 4.54 करोड़ रुपये के नकली और असली नोट बरामद किए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशानुसार जिले में नकली नोट, नशा और संगठित अपराध में शामिल तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े अभियान के तहत पुलिस को यह बड़ी कामयाबी मिली है।
बुधवार देर रात गदरपुर पुलिस को खुफिया सूचना मिली कि सैफ्टा फार्म रोड स्थित पंचपुरी गूलरभोज के पास एक खोखे में भारी मात्रा में संदिग्ध नोट रखे गए हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जो बाजार में असली नोटों के बीच इन नकली नोटों को खपाने की बड़ी साजिश रच रहे थे।
असली नोटों के नीचे रखी थी ‘चिल्ड्रन बैंक’ की करेंसी
पुलिस जांच और बरामदगी के दौरान आरोपियों द्वारा अपनाई गई धोखाधड़ी की एक बेहद चौंकाने वाली तरकीब सामने आई है। गिरोह के सदस्य लोगों और व्यापारियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए नोटों की गड्डियों के ऊपर सबसे पहले 500 रुपये के असली नोट लगाते थे, ताकि पहली नजर में गड्डी पूरी तरह असली दिखाई दे।
हालांकि, जब पुलिस ने उन गड्डियों की गहराई से तलाशी ली, तो उन असली नोटों के ठीक नीचे ‘चिल्ड्रन बैंक ऑफ इंडिया’ लिखे हुए नकली नोटों की गड्डियां छुपाकर रखी गई थीं। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक धारीदार बैग भी बरामद किया है, जिसके भीतर भारी मात्रा में इसी तरह के फर्जी और कूट रचित नोट भरे हुए थे।
पुलिस गिरफ्त में आए दोनों आरोपियों की पहचान मुन्तियाज और मनोज कुमार के रूप में हुई है, जिन्हें पुलिस ने मौके से ही हिरासत में ले लिया था। एसएसपी अजय गणपति के अनुसार, पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह पूरा मामला सीधे तौर पर एक बड़े आर्थिक अपराध और संगठित गिरोह से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है, जिसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस इस रैकेट की पूरी कड़ियों को जोड़ने के लिए दोनों अभियुक्तों के पुराने आपराधिक इतिहास और उनके पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। गिरफ्तारी की वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश सुना दिया है।

