देहरादून। उत्तराखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत अपने पक्के घर का इंतजार कर रहे हजारों गरीब और बेघर परिवारों के लिए बड़ी खबर है। देहरादून सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शहरी विकास और आवास विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ किया है कि अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट के तहत निर्मित किए जा चुके 13,576 आवासों का आवंटन आगामी 15 अगस्त, 2026 तक हर हाल में पूरा कर इन्हें ऑपरेशनल कर दिया जाए।
इस फैसले से राज्य के उन पात्र परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा जो लंबे समय से अपने आशियाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि तय समय-सीमा के भीतर आवंटन प्रक्रिया पूरी करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हर हफ्ते होगी कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा
सचिवालय में प्रधानमंत्री आवास योजना की राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक लेते हुए मुख्य सचिव ने PMAY 1.0 के सभी लंबित प्रोजेक्ट्स को निर्धारित समय के भीतर पूरा करने को कहा है। उन्होंने निर्माण और आवंटन कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को निरंतर जमीनी मॉनिटरिंग करने और हर हफ्ते साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव ने सचिव, शहरी विकास एवं आवास विभाग को निर्देश दिए कि किफायती आवास परियोजनाओं की प्रगति की वे खुद साप्ताहिक निगरानी करें। समय पर समीक्षा होने से प्रोजेक्ट में आने वाली तकनीकी या प्रशासनिक अड़चनों को तुरंत दूर किया जा सकेगा और काम में देरी नहीं होगी।
पर्यावरण मित्रों और पीएम स्वनिधि के लाभार्थियों को मिलेगा पहला हक
भारत सरकार के साथ हुए एमओयू का हवाला देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि केंद्र के मानकों के अनुरूप सभी प्रोजेक्ट्स को समय पर धरातल पर उतारा जाए। इसके लिए सचिव (आवास), निदेशक (शहरी विकास) और सीटीसीपी को आपस में संयुक्त समीक्षा बैठकें करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद तबके को प्राथमिकता पर घर मिलने चाहिए। उन्होंने विशेष तौर पर कहा कि पी.एम. स्वनिधि योजना के लाभार्थियों, पर्यावरण मित्रों और अन्य सभी चिन्हित पात्र परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर उपयुक्त आवास उपलब्ध कराए जाएं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए सचिव डॉ. वी. षणमुगम, निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, अपर सचिव कल्याणी और झरना कामठान सहित आवास एवं शहरी विकास विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें फील्ड स्तर पर जाकर कार्यों की निगरानी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

