पेट्रोल-डीजल नहीं होगा मंहगा: केंद्र सरकार ने मूल्य वृद्धि की अटकलों को किया खारिज

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केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। यह बयान उन अफवाहों के बीच आया है जिनमें दावा किया जा रहा था कि बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान समाप्त होते ही तेल के दाम बढ़ा दिए जाएंगे। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि तेल की कीमतों में तत्काल वृद्धि का कोई प्रस्ताव नहीं है और नागरिकों को ऐसी किसी भी अफवाह पर विश्वास नहीं करना चाहिए। सरकार के इस स्पष्टीकरण से उन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है जो आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने की आशंका जता रहे थे।

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वैश्विक संकट के बावजूद कीमतें स्थिर

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और तनाव के कारण पिछले दो महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया है। इस कारण सरकारी तेल कंपनियों की लागत और बिक्री मूल्य के बीच अंतर काफी बढ़ गया है, जिससे उन्हें प्रतिदिन लगभग 2,400 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद, सरकार ने खुदरा कीमतों में कोई बदलाव न करने का निर्णय लिया है ताकि आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।

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अफवाहों के कारण मची खरीदारी की होड़

कीमतें बढ़ने की अटकलों के कारण आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों के कुछ हिस्सों में पेट्रोल-डीजल खरीदने के लिए लोगों में होड़ मच गई थी। घबराहट में की गई इस खरीदारी को देखते हुए मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सभी खुदरा बिक्री केंद्रों की निगरानी की जा रही है और जहां मांग अधिक है, वहां आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।

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चुनाव और मूल्य वृद्धि का संबंध

अक्सर यह देखा जाता है कि चुनावों के दौरान तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं और मतदान खत्म होते ही उनमें उछाल आता है। इसी धारणा के चलते इस बार भी असम, बंगाल और पुडुचेरी में चुनाव संपन्न होने के बाद तत्काल मूल्य वृद्धि की संभावना जताई जा रही थी। हालांकि, मंत्रालय ने इन सभी कयासों को आधारहीन बताते हुए कहा है कि सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है और राज्यों के संपर्क में है ताकि ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।