देहरादून में स्मार्ट सिटी परियोजना और जल संस्थान के बीच बकाया राशि को लेकर चल रहा विवाद अब एक बड़ी कार्रवाई में बदल गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर राजपुर रोड स्थित जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता (शहरी क्षेत्र) राजीव सैनी का कार्यालय शनिवार को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा किए गए 21 लाख रुपये के दावे का भुगतान न करने और विभाग द्वारा बार-बार भेजे गए नोटिसों की अनदेखी करने के कारण की गई है। जिला प्रशासन के इस सख्त रुख से सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है।
स्मार्ट सिटी के कार्यों को नुकसान पहुंचाने का आरोप
स्मार्ट सिटी अधिकारियों के अनुसार, जल संस्थान ने शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर खुदाई के दौरान स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत किए गए महत्वपूर्ण कार्यों को काफी क्षति पहुँचाई थी। इस नुकसान की भरपाई के लिए स्मार्ट सिटी ने जल संस्थान पर 21 लाख रुपये का दावा किया था। विभाग का कहना है कि कार्यों को हुई क्षति के कारण परियोजना की लागत और समय दोनों पर असर पड़ा है।
नोटिस की अनदेखी और आरसी जारी होने पर कार्रवाई
बकाया राशि की वसूली के लिए स्मार्ट सिटी की ओर से जल संस्थान को कई बार पत्र भेजे गए थे, लेकिन विभाग की ओर से कोई संतोषजनक जवाब या भुगतान नहीं मिला। जब मामला जिलाधिकारी सविन बंसल के संज्ञान में आया, तो उन्होंने सख्ती दिखाते हुए नोटिस की अवधि खत्म होने पर रिकवरी सर्टिफिकेट जारी कर दी। इसी क्रम में शनिवार को दफ्तर को सील करने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जो यह संदेश देता है कि विकास कार्यों में लापरवाही और सरकारी देनदारियों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

