Uttarakhand: ऐराड़ी गांव की 112 नाली जमीन डील में रेरा जांच, ADM कमेटी गठित

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देहरादून। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में विकासखंड कोट के ऐराड़ी गांव की 112 नाली जमीन खरीद का मामला तूल पकड़ गया है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देश पर प्रशासन यह जांच कर रहा है कि इस बड़ी भूमि खरीद और प्रस्तावित प्रोजेक्ट में रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण के नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जांच समिति गठित कर दी गई है।

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राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार, देहरादून में पंजीकृत कंपनी ‘दून हैचरीज लिमिटेड’ ने ऐराड़ी गांव के एक ही कुटुंब के 12 परिवारों से यह 112 नाली कृषि भूमि खरीदी है। जमीन खरीद की प्रक्रिया 2025 में शुरू हुई थी, जिसकी रजिस्ट्री फरवरी में और दाखिल-खारिज जुलाई में संपन्न हुआ था। अब एडीएम की अगुआई वाली समिति ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर, रजिस्ट्रार और ईई डीडीए के साथ मिलकर इस पूरी डील के पत्रावलियों की पड़ताल कर रही है।

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इतनी बड़ी मात्रा में जमीन कंपनी को बेचे जाने से ऐराड़ी गांव के निवासियों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि सौदा तय होने से पहले न तो ग्राम सभा की बैठक बुलाई गई और ना ही स्थानीय प्रधान या ग्रामीणों को सूचना दी गई। गांव में बचे 2-3 परिवारों को डर है कि भारी निर्माण कार्यों से उनके प्राकृतिक जल स्रोत पूरी तरह सूख या नष्ट हो जाएंगे।

शुरुआती राजस्व जांच के अनुसार, यह डील रेरा के तहत पंजीकृत नहीं कराई गई है। रेरा नियमों के मुताबिक, 500 वर्गमीटर से बड़ी या 8 से अधिक इकाइयों वाली किसी भी योजना का पंजीकरण और 70% राशि अलग बैंक खाते में रखना अनिवार्य है। वहीं, भू-कानून के तहत कृषि परियोजना के लिए अधिकतम साढ़े 12 एकड़ जमीन खरीदी जा सकती है। एडीएम समिति अब यह तय करेगी कि यह खरीद वैधानिक प्रक्रिया के तहत हुई है या इसमें नियमों की अनदेखी की गई है।