रुद्रपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रुद्रपुर में आयोजित ‘पंजाबी गौरव सम्मेलन’ के दौरान सिख समाज की पीड़ा, बलिदान और देश के विकास में उनके अतुलनीय योगदान को नमन किया। सम्मेलन के मंच से उन्होंने सिख समुदाय के इतिहास और संघर्षों को याद करते हुए भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। इस कार्यक्रम का सीधा असर तराई क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों और सिख-पंजाबी मतदाताओं पर पड़ेगा।
नितिन नवीन ने अपने संबोधन में कहा कि यह भूमि ऐतिहासिक और पवित्र है। करीब 500 वर्ष पूर्व गुरु नानक देव जी अपनी तीसरी उदासी के दौरान यहाँ पधारे थे और सत्य का संदेश दिया था। उन्होंने नानकमत्ता साहिब, हेमकुंड साहिब और रीठा साहिब को नमन करते हुए कहा कि 1947 में विभाजन की त्रासदी झेलकर हजारों परिवार अपनी पुरखों की जमीन छोड़कर तराई में आए और इसे बसाने में ऐतिहासिक योगदान दिया।
अपने 14 मिनट के संबोधन के दौरान भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व पर भी बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने मंच से कहा कि उत्तराखंड में भाजपा का हर कार्यकर्ता मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में आगे बढ़ने की क्षमता रखता है। उन्होंने सीएम धामी द्वारा समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने के प्रयासों की सराहना की और कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा सीएम धामी की सार्वजनिक मंच से प्रशंसा करने और उन्हें सर्वमान्य नेता बताने को केंद्रीय नेतृत्व का बड़ा समर्थन माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक इसे वर्ष 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले पुष्कर सिंह धामी के चेहरे पर ही आगे बढ़ने का स्पष्ट संदेश मान रहे हैं। इस सम्मेलन के जरिए भाजपा ने तराई की सिख सियासत को साधने का मजबूत प्रयास किया है।

