उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित पुरनिया में सोमवार को एक एनिमेशन सेंटर में अचानक भीषण आग लग गई. आग लगने के कारण पूरी बिल्डिंग में तेजी से दमघोंटू धुआं भर गया, जिससे वहां मौजूद छात्रों के बीच चीख-पुकार और भगदड़ मच गई. अपनी जान बचाने की आपाधापी में कई छात्र-छात्राओं ने बिल्डिंग की ऊंचाई से ही नीचे छलांग लगा दी, जिसके चलते वे गंभीर रूप से चोटिल हो गए।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह ने अब तक 13 छात्रों की मौत की पुष्टि की है, जबकि 5 अन्य घायल छात्रों का इलाज जारी है जो फिलहाल खतरे से बाहर हैं।
हालांकि, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के प्रारंभिक बयान के मुताबिक मृतकों की संख्या 14 बताई गई है. घटना की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण और प्रमुख सचिव संजय प्रसाद तुरंत अमले के साथ मौके पर पहुंचे, वहीं रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी घटनास्थल का दौरा कर अस्पताल में घायलों से मुलाकात करेंगे।
इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं. दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मृत छात्रों को श्रद्धांजलि देते हुए सरकार से घायलों के लिए सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित करने और इस पूरी घटना की ईमानदारी से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके. फिलहाल प्रशासन राहत और बचाव कार्य के साथ ही आग लगने के मुख्य कारणों का पता लगाने में जुटा हुआ है।

