देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में जुबानी जंग चरम पर पहुंच गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के हालिया बयानों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ईश्वर ने मुंह दिया है तो इसका मतलब यह नहीं कि कोई कुछ भी अनर्गल बयानबाजी करे, बिना तथ्यों के आरोप लगाने पर वह मानहानि का दावा भी ठोक सकते हैं।
अंकिता भंडारी के माता-पिता को राजघाट से हटाए जाने के सवाल पर महेंद्र भट्ट ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा था और प्रशासन की यह जिम्मेदारी बनती है कि उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जाए। इसी वजह से पुलिस ने उन्हें इलाज के लिए वहां से हटाया था। हरक सिंह द्वारा डीएनए जांच की मांग पर उन्होंने कहा कि वह जांच कराने को तैयार हैं, लेकिन क्या हरक सिंह भी दोबारा अपनी जांच कराएंगे?
भट्ट ने हरक सिंह की भाषा शैली पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि वह नैतिकता छोड़कर अब ‘तू-तड़ाक’ की भाषा पर उतर आए हैं, जो उनकी उम्र और अनुभव के लिहाज से बिल्कुल उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के इस तरह की बयानबाजी करना सफेद झूठ है और ऐसी अनर्गल बातें करके पूर्व मंत्री जनता के बीच अपनी ही छवि एक मसखरे जैसी बना रहे हैं।
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के उत्तराखंड दौरे पर हमला बोलते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा कि इससे चुनावी परिदृश्य पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने तंज कसा कि कांग्रेस के पास अब गिनती के दो-तीन नेता ही बचे हैं। नकारात्मक राजनीति करने वाले इन नेताओं का देवभूमि दौरा आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार की एक और बड़ी वजह बनेगा।
जेनी प्रकरण पर हरक सिंह रावत के बयानों को खारिज करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला कांग्रेस शासनकाल के समय का है। जब जेनी ने खुद सामने आकर अपना पक्ष रखने की बात कही है, तो इसमें अब ज्यादा कुछ कहने को नहीं रह जाता है। उन्होंने हरक सिंह को नसीहत दी कि वह तथ्यों के आधार पर ही बात करें, अन्यथा उन्हें कोर्ट में कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

