अभद्रता-धमकी के CCTV में सामने आए तथ्य, पुलिस ने कहा—शांति व्यवस्था बिगाड़ने की आशंका पर कार्रवाई
कोटद्वार में अपने नाम और चर्चाओं को लेकर सुर्खियों में रहने वाला दीपक उर्फ अक्की उर्फ मोहम्मद दीपक अब पुलिस की कार्रवाई के बाद सलाखों के पीछे पहुंच गया है। मामला अभद्रता, गाली-गलौज और धमकी से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान सामने आए CCTV फुटेज और अन्य फोटो-वीडियो साक्ष्यों में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जिसके बाद पुलिस ने शांति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की। मामला 1 अक्टूबर 2026 का है। वादी संजीव टोंक ने कोतवाली कोटद्वार में शिकायत देकर आरोप लगाया कि दीपक उर्फ अक्की उर्फ मोहम्मद दीपक ने उनके साथ अभद्रता, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा संख्या 240/2026 दर्ज करते हुए BNS की धारा 351(2) और 352 के तहत कार्रवाई शुरू की। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने घटनास्थल के CCTV फुटेज समेत उपलब्ध फोटो और वीडियो साक्ष्यों को खंगाला। पुलिस का दावा है कि फुटेज के परीक्षण में वादी के साथ गाली-गलौज और धमकी दिए जाने के प्रथम दृष्टया तथ्य सामने आए। इसके बाद मुकदमे में BNS की धारा 196 और 115 की भी बढ़ोतरी की गई।
विवादों से नाम जुड़ता रहा, पुलिस ने अब कस दिया शिकंजा
पुलिस के मुताबिक, दीपक उर्फ अक्की उर्फ मोहम्मद दीपक का नाम पूर्व में भी विभिन्न सामाजिक विवादों से जुड़े मामलों में सामने आता रहा है। पुलिस का यह भी कहना है कि उसके द्वारा लोगों को एकत्रित करने और तनावपूर्ण माहौल पैदा करने संबंधी सूचनाएं भी संज्ञान में आई थीं।
ऐसे में पुलिस ने सिर्फ मुकदमे की विवेचना तक खुद को सीमित नहीं रखा। पुलिस के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों और क्षेत्र की शांति एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए दीपक को धारा 170 BNSS के तहत गिरफ्तार किया गया।
व्यापारियों ने भी घेरा थाना
मामला सामने आने के बाद व्यापारियों में भी नाराजगी देखने को मिली। व्यापारियों ने थाने का घेराव करते हुए मोहम्मद दीपक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। व्यापारियों का कहना था कि इस तरह की घटनाओं से क्षेत्र का माहौल प्रभावित होता है और ऐसे मामलों में पुलिस को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
यानी कोटद्वार में अब तक चर्चाओं और विवादों के बीच सुर्खियां बटोरने वाला मोहम्मद दीपक इस बार पुलिस की कार्रवाई के चलते सुर्खियों में है। CCTV सामने आया, मुकदमा दर्ज हुआ, धाराएं बढ़ीं और फिर कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के बीच पुलिस ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
पौड़ी पुलिस ने साफ किया है कि कानून हाथ में लेने, धमकी देने, वैमनस्य फैलाने अथवा शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई जारी रहेगी।

