केदारताल ट्रेक पर बड़ा रेस्कयू: 2 और शव बरामद, अब तक 4 की मौत और 4 लापता

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उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित दुर्गम केदारताल ट्रेक पर लापता ट्रेकरों की तलाश में जुटी रेस्क्यू टीम को बुधवार को दो और शव बरामद हुए हैं। इसके साथ ही इस भीषण ट्रेकिंग हादसे में अब तक कुल चार ट्रेकरों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। प्रशासन, एसडीआरएफ और निम की टीमें शेष चार लापता लोगों की खोजबीन के लिए सघन अभियान चला रही हैं, जबकि बरामद शवों को पोस्टमार्टम के लिए उत्तरकाशी जिला अस्पताल लाया जा रहा है।

केदारताल ट्रेक पर लापता आठ लोगों की तलाश में बुधवार सुबह चलाए गए सर्च अभियान के दौरान रेस्क्यू टीम को यह दो नए शव मिले। इससे पहले मंगलवार को भी प्रशासन द्वारा हेलीकॉप्टर से उतारी गई दस सदस्यीय टीम को बर्फ में दबे टेंट से 200 से 250 मीटर नीचे दो शव मिले थे। अत्यधिक बर्फ में दबे होने के कारण शवों को निकालने में टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी और फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है।

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यह पूरी घटना 27 अक्टूबर को शुरू हुई थी, जब ‘सोल सीकर ट्रेकिंग एजेंसी’ का 12 सदस्यीय दल गंगोत्री से 26 किलोमीटर लंबे केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था। इस दल में एक स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा, उत्तर प्रदेश व पश्चिम बंगाल के सात ट्रेकर और चार सपोर्ट स्टाफ सदस्य शामिल थे। दल की वापसी 29 अक्टूबर को तय थी, लेकिन समय पर न लौटने पर एजेंसी ने अपनी ओर से खोजबीन शुरू की।

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रास्ते में जांच के दौरान कुक और पोर्टर सहित चार सपोर्ट स्टाफ सदस्य तो सुरक्षित मिल गए, लेकिन गाइड सिद्धार्थ राणा और सात ट्रेकरों का कोई पता नहीं चला। इसके बाद प्रशासन ने मोर्चा संभालते हुए शनिवार और रविवार को हेलीकॉप्टर से हवाई सर्च अभियान चलाया। सोमवार को SDRF और NIM की 10 सदस्यीय टीम को केदारताल ट्रेक पर एयरड्रॉप किया गया, जबकि गंगोत्री नेशनल पार्क और माउंटेनियरिंग एसोसिएशन की टीम पैदल भोजखड़क पहुंची।

सोमवार को संयुक्त खोजबीन के दौरान एसोसिएशन की टीम को केदारखड़क और भोजखड़क के बीच बर्फ में दबा टेंट, बैग, कपड़े और राशन सामग्री बरामद हुई। हालांकि भारी बर्फबारी और अचानक बिगड़े मौसम के कारण टीम को अभियान रोककर लौटना पड़ा। इसके बाद मंगलवार को दोबारा शुरू हुए सर्च ऑपरेशन में टेंट की लोकेशन के नीचे पहले दो शव मिले और बुधवार को दो और शव बरामद कर लिए गए।

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फिलहाल केदारताल के अत्यधिक दुर्गम और बर्फीले इलाके में रेस्क्यू टीमें डटी हुई हैं। प्रशासन की प्राथमिकता शेष चार लापता लोगों की स्थिति का जल्द से जल्द पता लगाने और बरामद किए गए सभी शवों को सुरक्षित उत्तरकाशी जिला अस्पताल तक पहुंचाने की है।