देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच जारी विवाद के मामले में विशेष जांच टीम को बड़ी सफलता मिली है। एसआईटी जांच में गिरधारी लाल के खिलाफ कई अहम और पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं, जिसके बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अदालत से आरोपित गिरधारी लाल साहू के खिलाफ पहले ही गैर-जमानती वारंट हासिल कर चुकी है। गैर-जमानती वारंट जारी होने और एसआईटी की जांच में नए साक्ष्य सामने आने के बाद अब आरोपित पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।
जांच में सामने आए नए साक्ष्यों ने पुलिस की कानूनी कार्रवाई को और अधिक मजबूत आधार प्रदान किया है। साक्ष्यों की पुष्टि होने के बाद पुलिस प्रशासन ने गिरधारी लाल की गिरफ्तारी को प्राथमिकता पर रखते हुए उत्तराखंड और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश देना शुरू कर दिया है।
पुलिस की कई विशेष टीमें आरोपित की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं और उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इससे पहले अदालत आरोपित गिरधारी लाल साहू की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर चुकी है, जिससे उनके कानूनी राहत पाने के रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं।
एसआईटी की जांच में जुटाए गए इन महत्वपूर्ण साक्ष्यों को आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अब पुलिस के सामने मुख्य चुनौती आरोपित को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश करने की है, जिसको लेकर पुलिस महकमा पूरी तरह मुस्तैद है।
गिरधारी लाल साहू पर कसते कानूनी शिकंजे और लगातार दी जा रही दबिश से राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि पुलिस की इस सख्त घेराबंदी के चलते आने वाले एक-दो दिनों के भीतर इस मामले में कोई बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

