देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून स्थित कैम्प कार्यालय के मुख्य सेवक सदन में ‘देवभूमि परिवार पोर्टल’ का शुभारंभ और ‘विकसित उत्तराखण्ड विजन-2047’ दस्तावेज का विमोचन किया। इस नई व्यवस्था के लागू होने से प्रदेशवासियों को सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार दस्तावेज जमा करने से मुक्ति मिलेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना है। देवभूमि परिवार पोर्टल के जरिए सरकारी सेवाओं को अत्यधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने का प्रयास किया गया है ताकि कोई भी पात्र नागरिक जानकारी के अभाव में वंचित न रहे।

सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ’21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा’ के विजन को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है। ‘विकसित उत्तराखण्ड विजन-2047’ प्रदेश के सर्वांगीण विकास का ऐसा रोडमैप है, जिसे हासिल करने के लिए सभी विभागों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार समयबद्ध काम करना होगा।
राज्य में बुनियादी ढांचे के विस्तार की जानकारी देते हुए उन्होंने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और चारधाम सड़क परियोजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ-बदरीनाथ धाम पुनर्निर्माण और मानसखंड मंदिर माला मिशन से राज्य में वर्षभर पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है।
उत्तराखंड की मजबूत होती अर्थव्यवस्था का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले एक साल में प्रदेश की GSDP में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके अलावा प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी और रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत का इजाफा राज्य के सकारात्मक विकास को दर्शाता है।

उन्होंने आगे बताया कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान मिल रही है और 3 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। इसके साथ ही महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30% क्षैतिज आरक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
पोर्टल के तकनीकी ढाँचे पर प्रमुख सचिव नियोजन डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने बताया कि देवभूमि परिवार पोर्टल से राज्य के सभी परिवारों का एक डिजिटल डेटाबेस बनेगा। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बाद हर परिवार को एक विशिष्ट ‘देवभूमि परिवार आईडी’ दी जाएगी। इसके संचालन के लिए राज्य स्तर पर प्राधिकरण और जिलों में ‘जिला देवभूमि परिवार अधिकारी’ तैनात होंगे।

प्रमुख सचिव ने विजन-2047 के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि 440 संकेतकों के आधार पर वर्ष 2047 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को ₹28 लाख करोड़ और प्रति व्यक्ति आय को ₹20 लाख तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही बेरोजगारी दर को घटाकर 3.5% और बहुआयामी गरीबी को 0.61% करने का प्लान है।
विजन दस्तावेज के तहत वर्ष 2047 तक स्थापित ऊर्जा क्षमता को 22 हजार मेगावाट तक बढ़ाने और वन आच्छादन को 46.6 प्रतिशत तक पहुंचाने की योजना है। इसमें वर्ष 2030, 2035, 2040 और 2047 के लिए चरणबद्ध लक्ष्य तय किए गए हैं, जिनकी लगातार विभागीय समीक्षा होगी। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सेतु आयोग के सीईओ शत्रुघ्न सिंह और नीति आयोग की कार्यक्रम निदेशक डॉ. सोनिया पंत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

