राज्य कर विभाग के ढांचे के पुनर्गठन पर हुई अहम बैठक — विशेष आयुक्त सोनिका ने दिया कर्मचारियों को सकारात्मक आश्वासन…

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देहरादून। उत्तराखंड राज्य कर विभाग के कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों और विभागीय ढांचे के पुनर्गठन को लेकर शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। विशेष आयुक्त कर ने राज्य कर विभाग के मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया। इस बैठक का उद्देश्य कर्मचारियों के संगठन की समस्याओं, नियमावली और सेवा शर्तों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा कर समाधान निकालना था।

बैठक में विशेष आयुक्त सोनिका सिंह के साथ एडिशनल कमिश्नर विशेष वेतनमान ईश्वर सिंह बृजवाल, एडिशनल कमिश्नर अनिल सिंह, डिप्टी कमिश्नर यशपाल सिंह, डिप्टी कमिश्नर संजीत त्रिपाठी, तथा असिस्टेंट कमिश्नर जयदीप सिंह उपस्थित रहे। वहीं मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन की ओर से प्रांतीय अध्यक्ष जगमोहन नेगी, संरक्षक भारत सिंह राणा, सलाहकार मनमोहन नेगी, संगठन मंत्री सुरेश शर्मा, प्रांतीय प्रवक्ता सुनील निरंजन, मुख्यालय शाखा अध्यक्ष जसवंत खोलिया और शाखा मंत्री पिंकेश रावत मौजूद रहे।

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बैठक में विभागीय कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से लंबित मांगों जैसे ढांचे के पुनर्गठन, पदोन्नति, वेतनमान और सेवा नियमावली में संशोधन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से रखा गया। विशेष आयुक्त सोनिका सिंह ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और संगठन को आश्वस्त किया कि विभाग इन मांगों पर पूरी संवेदनशीलता से विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर पेंडिंग मांगों को भी जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

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उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने सांकेतिक धरने को जारी रखते हुए विभाग को थोड़ा समय दें ताकि सभी मांगों पर ठोस कार्यवाही की जा सके। सोनिका सिंह ने भरोसा दिलाया कि अगले एक से डेढ़ माह के भीतर इन मुद्दों के समाधान की दिशा में स्पष्ट प्रगति देखने को मिलेगी।

वहीं मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन की ओर से बताया गया कि 25 अक्टूबर 2025 को संगठन की एक प्रांतीय बैठक काशीपुर में आयोजित की जाएगी, जिसमें वार्ता के परिणाम और विशेष आयुक्त द्वारा दिए गए आश्वासन पर चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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कुल मिलाकर बैठक का माहौल सकारात्मक रहा। अधिकारियों और कर्मचारियों दोनों ने यह माना कि विभागीय समन्वय ही राज्य के राजस्व संवर्धन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है, और इसी भावना के साथ सभी पक्षों ने सहयोगपूर्वक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प जताया।

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