IFS डॉ. राजेंद्र प्रसाद खजूरिया ने संभाला IGNFA देहरादून के निदेशक का कार्यभार

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देहरादून। आन्ध्र प्रदेश कैडर के 1991 बैच के वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद खजूरिया ने आज उत्तराखंड के देहरादून स्थित इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय वन अकादमी (IGNFA) के नए निदेशक के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने अकादमी के सर्वोच्च पद की कमान संभालते ही संस्थान के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों की समीक्षा शुरू कर दी है।

इस शीर्ष पद पर डॉ. खजूरिया की नियुक्ति पूर्व निदेशक भारती के स्थान पर हुई है। पूर्व निदेशक भारती बीते 30 जून को अपनी सरकारी सेवाएं पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त हो चुकी हैं, जिसके बाद से इस प्रतिष्ठित पद के लिए नए नाम की कवायद चल रही थी।

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कौन हैं डॉ. राजेंद्र प्रसाद खजूरिया?

IGNFA के निदेशक के रूप में इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभालने से ठीक पहले डॉ. राजेंद्र प्रसाद खजूरिया आन्‍ध्र प्रदेश पर्यावरण प्रबंधन निगम लिमिटेड (APEMCL) में प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यरत थे। वहां पर्यावरण और वानिकी प्रबंधन के क्षेत्र में उनके काम को काफी सराहा गया है।

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डॉ. खजूरिया को वन प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय स्तर पर नीति निर्माण का एक लंबा और व्यावहारिक अनुभव है। भारतीय वन सेवा में तीन दशकों से अधिक के अपने शानदार करियर के दौरान वे राज्य और केंद्र स्तर पर कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

## एक्शन मोड में नए निदेशक: संकाय सदस्यों के साथ की बैठक

निदेशक का पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद डॉ. राजेंद्र प्रसाद खजूरिया एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने अकादमी के वरिष्ठ संकाय सदस्यों और प्रशासनिक कर्मचारियों के साथ एक परिचयात्मक बैठक की। इस दौरान उन्होंने संस्थान की मौजूदा कार्यप्रणाली और आगामी प्रशिक्षण सत्रों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।

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बैठक के बाद डॉ. खजूरिया ने अकादमी परिसर का निरीक्षण भी किया। उन्होंने वहाँ चल रही विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों, बुनियादी ढांचे और ट्रेनी अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का जायजा लिया, ताकि देश के भावी वन अधिकारियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया जा सके।

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