मैने अपने आपको बंगाली और बिहारी नहीं बताया- हरीश रावत

ख़बर शेयर करें

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत उम्र के इस पड़ाव में भी पूरे एक्टिव रहते हैं। धरना-प्रदर्शन, मेल मुलाकात जैसी वास्तविक दुनिया हो या फेसबुक,इस्ट्रा और यूट्यूब जैसी आभासी दुनिया में भी। जो भी ख्याल आता है तो सोशल मीडिया के प्लेटफार्म में बेधड़क कह देते हैं। जिसके फिर माएने निकाले जाने लगते हैं।

अपने फेसबुक पेज पर हरदा ने एक पोस्ट अपलोड की है, जिसमें उन्होने कुछ सियासी बात की है तो कुछ समाजिक और कुछ राज्य के गांव-देहात खेत-खलिहान की पड़ताल करता हुआ अपना ताजा अनुभव। धामी मंत्रीमंडल के मंत्रियों पर तंज भी कसा है तो गांव देहात को बचाने की जद्दोजहद में जुटे उस ग्रामीण की व्यथा भी उकेरी है जिसकी मेहनत को जंगली जानवर धमाचौकड़ी मचा कर तबाह कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें -  MDDA की 113वीं बोर्ड बैठक: देहरादून के लिए 968 करोड़ का बजट मंजूर, विकास को नई रफ्तार

वहीं हरदा ने सत्ता के गलियारे से उस तंज का जिक्र भी किया है जिसमें उन्हे नेपाली करार दिया गया है। इस पर हरदा ने न केवल जवाब दिया है बल्कि राज्य के वनमंत्री को भी लपेटे में ले लिया है। हरदा ने लिखा है, “अरे भैय्या मैं नेपाली ही लगता हूं। क्योंकि उत्तराखंड हिमालयी राज्य है। यहां के अधिकांश लोग मेरे जैसे ही पहाड़ी लगते हैं। मुझे अपनी इस पहचान पर गर्व है। मैंने कभी अपने को ऊंचा दर्शाने के लिए लोगों की तरह अपने आपको बंगाली या बिहारी नहीं बताया है।“लेकिन हरदा की पोस्ट से माएने निकालने वाले उन लोगों को शिनाख्त में जुटे हैं, जिनके लिए हरदा ने लिखा है कि ,”कुछ उज्याड़ू बल्द तो फिर कांग्रेस में हरा-भरा देखकर बाड़ फादना चाहते हैं।“

यह भी पढ़ें -  केदारनाथ धाम में परिसर के सामने पटाखे जलाने वाले इंस्टा-इन्फ्लुएंसर पर मुकदमा दर्ज

बहरहाल हरदा की पोस्ट से सियासी गलियारे में हलचल मच गई है..दोनो खेमों में कोई भी सुकून मे नहीं है। हरीश रावत ने अपनी पोस्ट के आखिर में ऐसी बात कही है कि जिसके माएने बेहद गंभीर हैं. हालांकि कहा तो ये भी जाता है कि जब उंगली दूसरे की तरफ उठती है तो बाकी उंगलियां खुद की ओर भी उठती हैं। हालांकि, अब ये डिजिटल स्याही क्या गुल खिलाएगी ये तो वक्त ही बताएगा फिलहाल हरदा की पोस्ट सुर्खियां बटोर रही है। कोई लाइक करे या न करे इग्नोर नहीं कर पा रहा है।