उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जनकल्याणकारी और विकासपरक घोषणाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में राज्य संपत्ति विभाग ने बागेश्वर में प्रस्तावित अत्याधुनिक राज्य अतिथि गृह के निर्माण कार्य को तेज गति दे दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए गुरुवार, 18 जून 2026 को देहरादून स्थित राज्य सचिवालय में आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बागेश्वर के ग्राम ठेलापालन में बनने वाले इस भव्य अतिथि गृह की विस्तृत कार्ययोजना और प्रारंभिक खाके पर गहन मंथन किया गया। बैठक में परियोजना के तकनीकी प्रस्तुतीकरण को देखने के बाद सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कार्यदायी संस्था, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग बागेश्वर के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे वर्तमान की तात्कालिक आवश्यकताओं के साथ-साथ अगले कई दशकों की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर एक मजबूत विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन जल्द से जल्द तैयार करें।
चूंकि यह परियोजना सीधे मुख्यमंत्री की प्राथमिक घोषणाओं के अंतर्गत आती है, इसलिए इसे शासन स्तर पर सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है ताकि निर्माण कार्य पूरी प्रामाणिकता, उच्च गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जा सके।प्रस्ताव के अनुसार, यह आधुनिक राज्य अतिथि गृह बागेश्वर तहसील के ग्राम ठेलापालन में लगभग 0.900 हेक्टेयर यानी 45 नाली की विशाल सरकारी भूमि पर विकसित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्वतीय जनपदों में आयोजित होने वाले सरकारी कार्यक्रमों, वीआईपी आवागमन, सांस्कृतिक आयोजनों और प्रशासनिक गतिविधियों को और अधिक सुगम व सुव्यवस्थित बनाना है।
सचिव ने लोनिवि के अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस नए भवन में पर्याप्त संख्या में सर्वसुविधा युक्त अतिथि कक्ष, वीआईपी सुइट्स, आधुनिक तकनीक से लैस बड़े बैठक कक्ष (कॉन्फ्रेंस हॉल), प्रशासनिक अधिकारियों के लिए कार्यालय और भविष्य के विस्तार की संभावनाओं को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। इसके साथ ही, परिसर में वाहनों के सुचारू आवागमन के लिए पर्याप्त पार्किंग क्षमता विकसित करने, उच्च श्रेणी के फर्नीचर, अत्याधुनिक विद्युत उपकरण और अन्य जरूरी नागरिक सुविधाओं को बजट अनुमान में जोड़ने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी साफ किया कि परियोजना का प्रत्येक पहलू कड़े तकनीकी मानकों के अनुरूप हो और इसमें मितव्ययता के सिद्धांतों का पालन किया जाए ताकि सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके। प्रशासनिक विलंब से बचने के लिए डीपीआर के साथ स्थल चयन समिति की रिपोर्ट और जिला प्राधिकरण से ले-आउट की मंजूरी को एक साथ संलग्न करने को कहा गया है ताकि शासन स्तर पर त्वरित निर्णय लेकर धरातल पर काम शुरू कराया जा सके।
इस बैठक में अपर सचिव व राज्य संपत्ति अधिकारी लक्ष्मण सिंह, उप सचिव हनुमान प्रसाद तिवारी सहित लोनिवि बागेश्वर के अधिशासी अभियंता इंजी. एस.के. पाण्डे और सहायक अभियंता इंजी. तनीशा पांगती मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

