उत्तराखंड में 30 साल बाद होगी ‘हिमालयन कार रैली’ की वापसी, धामी कैबिनेट ने दी बड़ी मंजूरी

ख़बर शेयर करें

उत्तराखंड में साहसिक और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत लगभग 30 साल के लंबे इंतजार के बाद प्रदेश में ‘हिमालयन कार रैली’ की वापसी होने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर कैबिनेट ने इस भव्य आयोजन के लिए एकल स्रोत से एक अनुभवी संस्था के चयन को मंजूरी दे दी है।

यह भी पढ़ें -  देहरादून एयरपोर्ट पर बनेगी अत्याधुनिक उपकरणों से लैस हाईटेक ATC बिल्डिंग, कम होगी उड़ानों में देरी

इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का पहला संस्करण नवंबर 2026 में आयोजित किया जाएगा, और आयोजकों ने साल 2026 से 2029 तक के चार संस्करणों का पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है। इस मेगा इवेंट में कुल 120 से अधिक गाड़ियों की एंट्री का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें जर्मनी, यूके, इटली, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे देशों के 25 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभागी हिस्सा लेंगे।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में टीबी जांच की धीमी गति पर मुख्य सचिव सख्त, लापरवाही पर CMOs के खिलाफ होगी कार्रवाई

इसके साथ ही, एशिया क्रॉस कंट्री से 25, क्लासिक रैली कार श्रेणी से 20 और भारतीय राष्ट्रीय रैली चैंपियनशिप से 50 स्वदेशी ड्राइवर शामिल होकर अपना दमखम दिखाएंगे। पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल के अनुसार, यह रैली बेहद रोमांचक और चुनौतीपूर्ण होगी क्योंकि ड्राइवरों को दुर्गम बर्फीले दर्रों, घने जंगलों और खतरनाक नदियों को पार करना होगा।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में 30 जून तक बढ़ा फायर सीजन, मानसून की दस्तक पर टिकी वन विभाग की नजरें

इस वैश्विक आयोजन से न केवल भारतीय ड्राइवरों को विश्व स्तरीय मंच मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और उत्तराखंड का पर्यटन पूरी दुनिया में चमकेगा।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad