देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हरिद्वार जिले की खानपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताकर प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। मंगलवार को काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि हरिद्वार जिले की जनता से उन्हें हमेशा बहुत प्यार और समर्थन मिला है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए इशारों-इशारों में खानपुर क्षेत्र के लोगों की जनभावनाओं और इच्छा का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि खानपुर की जनता चाहती है कि वे वहां से चुनाव मैदान में उतरें और इसी आधार पर उन्होंने वहां से चुनाव लड़ने की अपनी व्यक्तिगत इच्छा जताई है।
हालांकि, अपनी इच्छा जताने के साथ ही हरीश रावत ने पार्टी अनुशासन और संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि पार्टी का निर्णय उनके लिए सबसे ऊपर है और पार्टी नेतृत्व जो भी अंतिम फैसला करेगा, वे पूरी तरह से उसी के अनुसार ही आगे बढ़ेंगे।
पार्टी में परिवारवाद और परिवार के सदस्यों को चुनावी टिकट दिए जाने के सवाल पर रावत ने आक्रामक रुख अपनाते हुए जोरदार पलटवार किया। उन्होंने परिवारवाद के आरोपों को खारिज करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की और विरोधी खेमे के सवालों का करारा जवाब दिया।
हरीश रावत ने जवाब देते हुए कहा कि उनके परिवार के लोग कोई अचानक राजनीति में नहीं आए हैं, बल्कि वे पिछले 20-25 सालों से लगातार जनता के बीच रहकर जमीनी स्तर पर मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने इसे जनता की सेवा और वर्षों का संघर्ष बताया।
काठगोदाम सर्किट हाउस में हुई इस प्रेस वार्ता के दौरान हरीश रावत के बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज कर दी हैं। खानपुर सीट से चुनाव लड़ने की उनकी इस इच्छा के बाद अब सभी की निगाहें कांग्रेस हाईकमान और पार्टी नेतृत्व के अंतिम फैसले पर टिक गई हैं।

