BAD हालात के बीच GOODNEWS !

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मध्य एशिया में छिड़ी जंग से तकरीबन सभी देश हलकान है। तेल और गैस की सुचारू आपूर्ति ने दिग्गज देश को भी डरा ऱखा है। हालांकि भारत मे सरकारी स्तर पर हालात काबू में बताए जा रहे हैं। हकीकत क्या है ये हुक्मरान ही जानते होंगे। क्योंकि गांव देहात और शहरों में रसोई गैस खास लोगों को भी मिन्नतों के बाद मिल रही है जबकि आम आदमी की गैस ऐजंसियां सुन नहीं रही हैं उसे बस टरकाया जा रहा है। वहीं देश भर में सभी सरकारें जनता को भरोसा दिला रही है कि एलपीजी की कमी जरूर है, लेकिन इतनी भी नहीं कि, इसे असहनीय संकट करार दिया जाए। हालांकि पीएम नरेद्र मोदी इसी हफ्ते लोकसभा में कह चुके हैं कि, अगर ईरान-इजराइल के बीच जंग जारी रही तो, कोरोनाकाल जैसे हालात बन सकते हैं और हमें सतर्क रहना चाहिए। पीएम के इस बयान के बाद कूटनीति के दांव-पेंच को बेहतरीन तरीके से न समझ पाने वाली आम जनता परेशान हो उठी. गुजरात से लेकर यूपी तक पेट्रोल पंप के बाहर भीड़ जुटनी शुरू हो गई, माहौल पेनिक बनने लगा।

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इतना ही नहीं बिना सर पैर की अफवाहें मुहल्लों से राजधानी तक उड़ने लगी। पीएम के बयान का आम आदमी ने बेहद संजीदा तरीके से ले लिया। हालत को देखते हुए विपक्ष पीएम को कोसने लगा। हालांकि अब देश के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी सामने आए हैं। पुरी ने दो टूक कह दिया है इक लॉकडाउन सिर्फ अफवाह है और पूरी तरह गलत है। पुरी ने कहा है कि लॉक़डाउन को लेकर सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। बहरहाल असल सवाल ये है कि सही कौन है, पीएम का सतर्क रहने का बयान या पुरी की अफवाह पर ध्यान न देने की बात। हालांकि सोशल मीडिया में कई मुल्कों की ऐसी तस्वीरें भी आ रही हैं जहां सरकारों ने ऊर्जा खपत कम करने के लिए कुछ बड़े कदम उठाने भी शुरू कर दिए है। ताकि हालात काबू में रहे। बहरहाल इन सबके बीच ‘गुड न्यूज’ ये है कि, 16000 मीट्रिक टन एलपीजी गैस लेकर ‘जगबसंत’ पोत गुजरात वडीनार पहुंच गया है।