देहरादून के रायपुर क्षेत्र में एक रिटायर्ड फौजी को अपनी 25 वर्षीय बेटी को सोशल मीडिया पर प्रताड़ित करने वाले मनचले के खिलाफ कार्रवाई करवाने के लिए पुलिस मुख्यालय की शरण लेनी पड़ी। स्थानीय पुलिस और साइबर सेल में तीन बार लिखित शिकायत करने के बावजूद जब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तब मुख्यालय के हस्तक्षेप के बाद सोमवार को आरोपी संदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है। आरोपी युवक काफी समय से युवती को परेशान कर रहा था और उसने परिवार को डराने-धमकाने की तमाम हदें पार कर दी थीं।
सोशल मीडिया पर उत्पीड़न और साजिश का आरोप
आरोपी संदीप, जो उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले का निवासी है, उसने युवती को बदनाम करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर कई फर्जी अकाउंट बनाए थे। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उसने न केवल फर्जी अकाउंट के जरिए दुष्प्रचार किया, बल्कि परिवार को झूठे केस में फंसाने की नीयत से उनके घर के पते पर गिफ्ट के नाम से गांजा और अन्य नशीले पदार्थों के पार्सल तक भेजे। इसके साथ ही आरोपी लगातार पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां भी दे रहा था।
स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता और फौजी का संघर्ष
सेना में 30 साल तक देश की सेवा करने वाले रिटायर्ड सूबेदार ने बताया कि स्थानीय स्तर पर उन्हें न्याय के लिए काफी भटकना पड़ा। रायपुर थाने और देहरादून साइबर सेल में बार-बार शिकायत देने के बाद भी जब स्थानीय पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो उन्हें मजबूरन अपनी शिकायत लेकर पुलिस मुख्यालय तक जाना पड़ा। मुख्यालय पहुंचने के बाद ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और सोमवार को रायपुर पुलिस ने आरोपी युवक के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

