उत्तराखंड के खेल विभाग की सुस्ती के कारण राज्य के उभरते हुए खिलाड़ी वर्तमान में काफी हताश और मायूस महसूस कर रहे हैं। नियम के अनुसार हर साल 15 अप्रैल से शुरू होने वाली ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना’ और ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’ के लिए इस बार मई के दूसरे सप्ताह तक चयन ट्रायल भी आयोजित नहीं हो सके हैं।
इस देरी का मुख्य कारण विभाग द्वारा योजनाओं में किए जा रहे कुछ महत्वपूर्ण संशोधन बताए जा रहे हैं, जिसमें खिलाड़ियों को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित न रखकर उन्हें वर्चुअल ट्रेनिंग से जोड़ने और आयु सीमा में बदलाव करने की तैयारी है। विभाग अब इन योजनाओं को अगस्त से शुरू करने की योजना बना रहा है, जो अगले साल जुलाई तक यानी कुल 11 महीनों के लिए संचालित की जाएंगी।
खिलाड़ियों को मिलने वाले लाभ और योजना
इन योजनाओं का उद्देश्य अलग-अलग आयु वर्ग के प्रतिभावान बच्चों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना’ के तहत 8 से 14 वर्ष के बच्चों को शामिल किया जाता है, जिसमें प्रदेश भर से चयनित लगभग 3900 खिलाड़ियों को 1500 रुपये प्रति माह की छात्रवृत्ति दी जाती है।
वहीं, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’ 14 से 23 वर्ष के युवाओं के लिए है, जिसमें प्रत्येक जिले से 300 खिलाड़ियों का चयन होता है और उन्हें 2000 रुपये मासिक छात्रवृत्ति के साथ-साथ खेल उपकरणों के लिए सालाना 10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। हालांकि, वर्तमान में स्कूलों की छुट्टियों और विभागीय मंजूरी के इंतजार में चयन प्रक्रिया रुकी हुई है, जिससे हजारों खिलाड़ियों को मिलने वाला यह लाभ फिलहाल अटका हुआ है।

