ट्रंप ने ठुकराया ईरान का शांति प्रस्ताव: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल

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अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज किए जाने के बाद पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष और गहराने की आशंका बढ़ गई है। ट्रंप के इस फैसले के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 3 प्रतिशत का बड़ा उछाल देखने को मिला है।

पिछले 10 हफ्तों से जारी इस युद्ध के और लंबा खिंचने के आसार हैं, जिससे ‘होरमुज स्ट्रेट’ जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के ठप होने का खतरा पैदा हो गया है। अगर यह स्थिति बनी रहती है, तो दुनिया भर में ईंधन की भारी कमी और महंगाई का संकट खड़ा हो सकता है, क्योंकि वैश्विक तेल निर्यात का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है।

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तेल टैंकरों की आवाजाही पर संकट

पश्चिम एशिया के इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर बढ़ते तनाव की वजह से तेल टैंकरों का परिचालन असुरक्षित होता जा रहा है। हाल ही में कच्चे तेल से भरे तीन बड़े टैंकरों को हमलों से बचाने के लिए अपने ट्रैकिंग सिस्टम बंद करके वहां से सुरक्षित निकालना पड़ा है, जो इस क्षेत्र में बढ़ते खतरे को दर्शाता है।

ईरान ने अपनी संप्रभुता का हवाला देते हुए अमेरिका से नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करने और तेल बेचने पर लगे प्रतिबंध हटाने की मांग की थी। हालांकि, ट्रंप ने इन मांगों को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि ईरान दशकों से अमेरिका के साथ खेल खेल रहा है, जिसके कारण अब होरमुज क्षेत्र में जहाजों का आवागमन बाधित होने से कई देशों के सामने ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है।

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ईरान का कूटनीतिक रुख

अमेरिकी दबाव और शांति प्रस्ताव के खारिज होने के बावजूद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि उनका देश किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा। तेहरान ने स्पष्ट किया है कि वे सम्मान और अधिकार के आधार पर बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन साथ ही अपनी सैन्य शक्ति और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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ईरानी नेतृत्व ने अपने आंतरिक सुरक्षा तंत्र और कमांडरों के साथ बैठक कर देश की सैन्य उपलब्धियों को और मजबूत करने पर जोर दिया है। दूसरी ओर, अमेरिका ने ईरान की संपत्ति को अनफ्रीज करने और प्रतिबंध हटाने जैसी मांगों को मानने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे कूटनीति के रास्ते लगभग बंद नजर आ रहे हैं और संघर्ष के और अधिक हिंसक होने की संभावना बढ़ गई है।

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